नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है

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नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है। इस दिन माता को प्रसन्न करने के लिए

'ॐ देवी स्कंदमातायै नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।

इसके अलावा 'या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता' का पाठ करना भी अत्यंत शुभ होता है।

इस दिन पीले वस्त्र पहनकर कमल के फूल और केले का भोग लगाना चाहिए।

स्कंदमाता पूजा मंत्र

मूल मंत्र: ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥

प्रार्थना मंत्र: सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥

स्तुति मंत्र: या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

ध्यान मंत्र: वन्दे वांछित कामार्थे चन्द्रार्धकृतशेखराम्। सिंहरूढ़ा चतुर्भुजा स्कन्दमाता यशस्वनीम्।।

 

 


 

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Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।