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गाडरवारा। शनिवार को नगर में बड़े हर्ष उल्लास के साथ संत श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी इंद्रदेव सरस्वती महाराज का आगमन हुआ।

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गुरु की शरण में रहकर अहंकार को त्यागें एवं नारी का सम्मान करें - स्वामी  इंद्रदेव सरस्वती महाराज

नवंबर माह में होगी शिव महापुराण कथा


गाडरवारा। शनिवार को नगर में बड़े हर्ष उल्लास के साथ संत श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी इंद्रदेव सरस्वती महाराज  का आगमन हुआ। सुबह श्रीधाम एक्सप्रेस से आगमन पर स्टेशन पर उनका शिष्यों ने ढ़ोल बाजे के साथ स्वागत किया एवं उन्हें सुरेन्द्र नामदेव के आवास तक लेकर आये। उन्होंने नगर के नूपुर कान्वेंट स्कूल में स्वागत उपरांत शिष्यों से संवाद करते हुए बताया कि इसी वर्ष नवंबर माह में उनके द्वारा यज्ञ एवं शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जायेगा जिसमे सभी की सहभागिता एवं सहयोग जरुरी है। इस दौरान शिष्यों द्वारा पूछे गये विभिन्न प्रश्नों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि स्वयं में गुरु केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक तत्व है जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। गुरु के बिना ईश्वर की प्राप्ति असंभव मानी गई है। जिस तरह बिना नक्शे के अनजान राह पर भटकने का डर रहता है, वैसे ही बिना गुरु के संसार रूपी सागर को पार करना कठिन है। उन्होंने कहा कि ​गुरु शिष्य के भीतर छिपे विकारों  को दूर कर उसे आत्मज्ञान से परिचित कराते हैं। उन्होंने गुरु दीक्षा का महत्तव बताते हुए कहा कि दीक्षा का अर्थ है स्वयं को गुरु के चरणों में समर्पित कर देना और उनके बताए अनुशासन का पालन करना। दीक्षा केवल दिखावा नहीं होनी चाहिए, बल्कि हृदय से परिवर्तन की चाह होनी चाहिए। उन्होंने   नारी शक्ति को समाज और धर्म का आधार मानते हुए कहा कि  एक शिक्षित और संस्कारी नारी पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों को तार सकती है। उन्होंने पुरुष प्रधान समाज को सचेत करते हुए कहा कि जहाँ नारी का अपमान होता है, वहाँ कभी सुख-समृद्धि नहीं रह सकती।उन्होंने मीराबाई, शबरी और अन्य महिला भक्तों के उदाहरण देकर समझाया  कि भक्ति के मार्ग पर नारियाँ पुरुषों से कहीं अधिक कोमल हृदय और समर्पित होती हैं। उनके संवाद कार्यक्रम का सार यह रहा कि गुरु की शरण में रहकर अहंकार को त्यागें और समाज में नारी का सम्मान करें। संवाद एवं स्वागत कार्यक्रम में नपा अध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा ने कहा कि शिव महापुराण कथा में हर संभव सहयोग करते हुए उसे भव्य आयोजन बनाएंगे। नपा नेता प्रतिपक्ष जिनेश जैन ने कहा कि महाराज जी के आगमन से आत्मीय प्रसन्नता हुई है। इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन करते हुए जितेंद्र नामदेव एवं सुरेन्द्र नामदेव ने आगामी रुपरेखा से अवगत कराया। अंत में खिचड़ी प्रसादी से कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर अनेक धर्मप्रेमी श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।