मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव: BJP ने महेश केवट को उतारा, मुकाबला हुआ दिलचस्प; कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग का डर,
- bySatendra Mishra
- 08 Jun 2026, 06:43 AM
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मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव: BJP ने महेश केवट को उतारा, मुकाबला हुआ दिलचस्प; कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग का डर, विधायकों को तेलंगाना भेजने की चर्चा
मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा अचानक गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीसरी राज्यसभा सीट के लिए मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। बीजेपी के इस मास्टरस्ट्रोक ने इस सीट पर होने वाले मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है, जहाँ अब बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा और कड़ा राजनीतिक संघर्ष देखने को मिलेगा।
CM हाउस की बैठक में लगा नाम पर मुहर
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री निवास पर करीब एक घंटे तक चली एक हाई-प्रोफाइल और महत्वपूर्ण बैठक में महेश केवट के नाम पर अंतिम सहमति बनी। शीर्ष नेतृत्व की हरी झंडी मिलने के बाद पार्टी ने उन्हें तीसरे उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारने का निर्णय लिया। रणनीतिक रूप से अहम माने जा रहे इस चुनाव के लिए महेश केवट कल अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
बीजेपी का 'सोशल इंजीनियरिंग' कार्ड, मीनाक्षी नटराजन के सामने चुनौती
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी का यह कदम सिर्फ एक सीट जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी चुनावी रणनीति है:
- सामाजिक समीकरण: महेश केवट बुंदेलखंड क्षेत्र के ओरछा-निवाड़ी अंचल से आते हैं। उन्हें उम्मीदवार बनाकर बीजेपी ने पिछड़े वर्ग और मछुआरा समाज को साधने का बड़ा दांव खेला है।
- कांग्रेस को घेरा: बीजेपी के इस कदम ने कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। अब मुकाबला केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि सामाजिक और क्षेत्रीय अस्मिता का भी बन गया है।
"भाजपा का यह फैसला केवल राज्यसभा चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी राजनीतिक समीकरणों और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर उठाया गया एक बड़ा रणनीतिक कदम है।"
— राजनीतिक विश्लेषक
कांग्रेस सतर्क: विधायकों को 'तेलंगाना' भेजने की सुगबुगाहट
- बीजेपी द्वारा तीसरा उम्मीदवार उतारते ही कांग्रेस खेमे में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की पुरज़ोर चर्चा है कि क्रॉस वोटिंग (Cross Voting) की आशंका को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए तेलंगाना शिफ्ट कर सकता है। हालांकि, इस संभावित 'रैस्टॉर्ट पॉलिटिक्स' को लेकर कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि नहीं की गई है।
आगे क्या?
- तीसरी सीट पर बढ़ी इस राजनीतिक सरगर्मी ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिन मध्य प्रदेश की राजनीति के लिए बेहद उतार-चढ़ाव भरे होने वाले हैं। अब सभी की निगाहें कल होने वाली नामांकन प्रक्रिया और उसके बाद दोनों दलों द्वारा रची जाने वाली चक्रव्यूह पर टिकी हैं।
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
