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भोपाल। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूसीसी को लेकर कई बड़े और कड़े ऐलानों की घोषणा की

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भोपाल। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूसीसी को लेकर कई बड़े और कड़े ऐलानों की घोषणा की है। सरकार के इस कदम से प्रदेश की सामाजिक और कानूनी व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

​प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री द्वारा की गई मुख्य घोषणाएं इस प्रकार हैं:

​1. विवाह का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन

​नए नियमों के तहत अब मध्यप्रदेश में सभी धर्मों और समुदायों के लिए विवाह का रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) कराना कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है।

​2. शादी की न्यूनतम उम्र तय

​कानून को एकरूपता देने के लिए विवाह की न्यूनतम आयु सीमा को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है:

  • लड़कों के लिए: न्यूनतम उम्र 21 वर्ष
  • लड़कियों के लिए: न्यूनतम उम्र 18 वर्ष

​3. लिव-इन और विवाहेतर संबंधों पर सख्त कार्रवाई

​बिना तलाक लिए दूसरी शादी करने या शादीशुदा होने के बावजूद किसी अन्य से (लिव-इन/विवाहेतर) संबंध बनाने वालों पर सरकार ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। नए प्रावधान के मुताबिक:

​यदि कोई पहले से शादीशुदा व्यक्ति किसी दूसरे से संबंध बनाता है, तो उसे 5 साल की जेल की सजा भुगतनी होगी।


 

​मुख्यमंत्री की राजनीतिक दलों से अपील

​इस ऐतिहासिक सुधार को अमलीजामा पहनाने के साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सूबे के सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी राजनीतिक नफा-नुकसान के लिए नहीं, बल्कि समाज में समानता और सुधार लाने के लिए लिया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी दलों से राजनीति से ऊपर उठकर इस समान नागरिक संहिता (UCC) का समर्थन करने का आग्रह किया है।

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Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।