नरसिंगपुर मूंग खरीदी केन्द्र पर कथित वसूली का मामला: खुद को NCML सर्वेयर बताने वाले दो युवकों को किसानों ने पकड़ा, वीडियो वायरल
- bySatendra Mishra
- 22 Jul 2026, 09:01 PM
- 7 Mins
मूंग खरीदी केन्द्र पर कथित वसूली का मामला: खुद को NCML सर्वेयर बताने वाले दो युवकों को किसानों ने पकड़ा, वीडियो वायरल
नरसिंहपुर। जिले में समर्थन मूल्य पर संचालित मूंग खरीदी केन्द्रों पर किसानों से कथित अवैध वसूली और गुणवत्ता परीक्षण के नाम पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इसी बीच मां रेवा वेयरहाउस स्थित मूंग खरीदी केन्द्र पर किसानों ने खुद को NCML का सर्वेयर बताने वाले दो युवकों को कथित रूप से पकड़ लिया। घटना के बाद किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिला तथा मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं।
विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार पकड़े गए युवकों के नाम ब्रजराज राजपूत (निवासी उदयपुरा, जिला रायसेन) एवं हर्षल उईके (निवासी छिंदवाड़ा) बताए जा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि दोनों युवक सर्वेयर बनकर गुणवत्ता परीक्षण और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर कथित रूप से अवैध वसूली कर रहे थे।
किसानों का दावा है कि पूछताछ के दौरान दोनों युवकों ने स्वयं को अनिल रघुवंशी, निवासी उदयपुरा द्वारा भेजा जाना बताया। साथ ही किसानों के बीच यह चर्चा भी है कि उनका संबंध किसी नाफेड (NAFED) से जुड़े अधिकारी से होने की बात कही गई। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
*किसानों के गंभीर आरोप*
किसानों का आरोप है कि खरीदी केन्द्रों पर कुछ लोगों द्वारा सैंपल जांच के नाम पर लगभग 5–5 किलोग्राम मूंग ली जा रही है तथा ₹100 से ₹200 प्रति क्विंटल तक की कथित रिश्वत की मांग की जा रही है। किसानों का कहना है कि शासन द्वारा सीमित मात्रा में मूंग खरीदी किए जाने से वे पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, ऐसे में इस प्रकार की कथित वसूली उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन गई है।
*निष्पक्ष जांच की मांग*
किसानों ने जिला प्रशासन, नाफेड, विपणन विभाग, NCML एवं संबंधित एजेंसियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वायरल वीडियो, संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ तथा उपलब्ध अभिलेखों की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
*क्या कहना है इनका*
मामले में NCML के एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि दोनों युवकों की कंपनी द्वारा किसी भी मूंग खरीदी केन्द्र पर नियुक्ति नहीं की गई है। स्थानीय अधिकारी के अनुसार, दोनों युवक नियुक्ति के लिए आए थे, लेकिन उन्हें किसी भी केन्द्र पर कार्य करने की अनुमति या पदस्थापना नहीं दी गई थी। स्थानीय अधिकारी ने यह भी कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों को अनिल रघुवंशी द्वारा भेजना बताया जा रहा है। यदि बिना कंपनी की अधिकृत नियुक्ति के कोई व्यक्ति खरीदी केन्द्रों पर जाकर स्वयं को सर्वेयर बताता है, तो यह गलत है और इसकी जांच की जानी चाहिए।
नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप किसानों एवं स्थानीय लोगों के दावों पर आधारित हैं। वहीं स्थानीय NCML अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि संबंधित दोनों युवक कंपनी द्वारा किसी भी खरीदी केन्द्र पर नियुक्त नहीं किए गए थे। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित विभागों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
Latest News
गाडरवारा राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन,
- 22 July, 2026
- 3 Mins
