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नरसिंगपुर गांव से निकले प्रियांशु खेमरिया अब आदिवासी बच्चों के भविष्य की जला रहे लौ तूमड़ा के प्रियांशु ने साईंखेड़ा में पढ़ाई की, अब डिजिटल शिक्षा के जरिए वंचित बच्चों को दे रहे नई दिशा

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गांव से निकले प्रियांशु खेमरिया अब आदिवासी बच्चों के भविष्य की जला रहे लौ
तूमड़ा के प्रियांशु ने साईंखेड़ा में पढ़ाई की, अब डिजिटल शिक्षा के जरिए वंचित बच्चों को दे रहे नई दिशा
साईंखेड़ा/नरसिंहपुर। ग्रामीण अंचल से निकलकर शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर रहे ग्राम तूमड़ा निवासी प्रियांशु खेमरिया अब आदिवासी और जरूरतमंद बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने में जुटे हैं।
प्रियांशु ने अपनी शिक्षा साईंखेड़ा की सेंट्रल पब्लिक एकेडमी से पूरी की। शिक्षा के महत्व को करीब से समझने के बाद उन्होंने अपनी सफलता को सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित न रखते हुए समाज के बच्चों के लिए काम करने का संकल्प लिया।
आश्रय वेलफेयर फाउंडेशन के माध्यम से प्रियांशु और उनकी टीम आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल एजुकेशन सेंटर, निःशुल्क कोचिंग और आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों के जरिए बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर दे रही है। तुमडा तेंदूखेड़ा, किरहकोटा, डोंगराखोह और रातिकरार जैसे क्षेत्रों के बच्चों को इसका लाभ मिल रहा है।
प्रियांशु की भूमिका बनी बदलाव की मजबूत कड़ी
प्रियांशु इस अभियान में उनकी टीम नीतेश शुक्ला रिचा शुक्ला अभिषेक मिर्धा सोनम पटेल बच्चों, मे शिक्षा के संसाधनों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनका प्रयास है कि सिर्फ संसाधनों की कमी के कारण गांव का कोई बच्चा शिक्षा और तकनीक से पीछे न रह जाए। 
“जिस गांव की गलियों से प्रियांशु खेमरिया ने शिक्षा की राह शुरू की, आज वहीं से निकलकर वे दूसरों के भविष्य की राह रोशन कर रहे हैं। यही सोच, यही सेवा और यही संकल्प समाज में असली बदलाव की शुरुआत है।”

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Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।