अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य की शिकायत पर 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज,
- bySatendra Mishra
- 26 Jun 2026, 07:07 AM
- 6 Mins
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य की शिकायत पर 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज, जांच शुरू
अयोध्या।
अयोध्या के प्रसिद्ध भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान (चढ़ावा) की चोरी और धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस संबंध में श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की शिकायत पर अयोध्या स्थित रामजन्मभूमि कोतवाली में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।
यह कार्रवाई विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। पुलिस ने मामले से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और अन्य आवश्यक तिथियों की सघन जांच शुरू कर दी है ताकि पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
इन 8 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
इस मामले में पुलिस ने कुल आठ लोगों को नामजद किया है। आरोपियों की सूची इस प्रकार है:
- रामशंकर यादव (टिन्नू)
- लवकुश मिश्रा
- अनुकल्प मिश्रा
- अविनाश शुक्ला
- मनीष यादव
- रामशंकर मिश्रा
- सुभाष चंद्र श्रीवास्तव
- करुणेश पांडे
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारियां शुरू कर दी हैं। नामजद आरोपियों में से दो अभियुक्तों—अनुकल्प मिश्रा और लवकूश मिश्रा को अयोध्या पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। ये दोनों आरोपी मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे को गिनने और उसकी निगरानी (मॉनिटरिंग) करने का कार्य करते थे।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
यह पूरा मामला कथित गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है, जिनका विवरण इस प्रकार है:
- धारा 306 (चोरी/गबन): यह धारा उन मामलों में लागू होती है जहाँ कोई कर्मचारी या घरेलू नौकर विश्वास का दुरुपयोग करके अपने मालिक की संपत्ति की चोरी या धन का बेईमानी से गलत इस्तेमाल करता है। इसे आपराधिक न्यासभंग (Criminal Breach of Trust) की श्रेणी में रखा जाता है।
- धारा 316(5): आपराधिक न्यासभंग (Criminal Breach of Trust) की गंभीर परिस्थितियां।
- धारा 317(4): धोखाधड़ी (Cheating) से संबंधित अपराध, जहाँ किसी व्यक्ति को झूठे तथ्यों या छल के माध्यम से नुकसान पहुँचाया गया हो।
- धारा 317(5): बड़े स्तर पर या विशेष परिस्थितियों में की गई गंभीर धोखाधड़ी के मामले।
- धारा 61 ( criminal conspiracy): आपराधिक साजिश, जब दो या दो से अधिक व्यक्ति किसी गैरकानूनी कार्य को करने की योजना बनाते हैं।
- धारा 3(5) (Common Intention / Joint Liability): साझा आपराधिक दायित्व, जब कई लोग मिलकर किसी अपराध को अंजाम देते हैं, तो सभी को उस अपराध के लिए समान रूप से जिम्मेदार माना जाता है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
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