नरसिंगपुर गाडरवारा में शक्कर नदी रेलवे पुल के पास खतरे की घंटी, पिचिंग कार्य में कथित लापरवाही से मिट्टी कटाव की आशंका करोड़ों की रेलवे परियोजना पर उठे सवाल, रेलवे लाइन के समीप खुदाई से ग्रामीणों में चिंता
- bySatendra Mishra
- 22 Jun 2026, 05:54 PM
- 5 Mins
गाडरवारा में शक्कर नदी रेलवे पुल के पास खतरे की घंटी, पिचिंग कार्य में कथित लापरवाही से मिट्टी कटाव की आशंका
करोड़ों की रेलवे परियोजना पर उठे सवाल, रेलवे लाइन के समीप खुदाई से ग्रामीणों में चिंता — तत्काल तकनीकी जांच एवं सुरक्षा उपायों की मांग
गाडरवारा। गाडरवारा क्षेत्र में शक्कर नदी स्थित रेलवे पुल के पास चल रहे रेलवे पिचिंग कार्य में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। गाडरवारा से होकर गुजरने वाली अप एवं डाउन दोनों रेलवे लाइनों के किनारे करोड़ों रुपये की लागत से सुरक्षा एवं पिचिंग कार्य कराया जा रहा है, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों एवं मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे लोगों ने कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिचिंग कार्य के दौरान रेलवे लाइन से सटी भूमि की मिट्टी को ही उपयोग में लाया गया तथा एक ओर रेलवे लाइन के समीप लगभग 10 फीट तक खुदाई कर दूसरी ओर पिचिंग कर दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में इस प्रकार की गहरी खुदाई के कारण मिट्टी कटाव और भूमि धंसने की संभावना बन सकती है, जिससे रेलवे ट्रैक की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका है।
मौके पर पहुंची मीडिया की द्वारा स्थल का निरीक्षण करने पर कई स्थानों पर खुदाई के निशान दिखाई दिए। हालांकि संबंधित अधिकारी का कहना है कि कार्य अभी प्रगतिरत है, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि मौके पर वर्तमान में कोई निर्माण कार्य होता हुआ नजर नहीं आया।
इस मामले में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब इतने बड़े स्तर पर रेलवे सुरक्षा से जुड़े कार्य किए जा रहे थे तो संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण और गुणवत्ता की निगरानी किस प्रकार की गई। साथ ही रेलवे क्षेत्र से बड़े पैमाने पर मिट्टी खुदाई की अनुमति किस प्रक्रिया के तहत दी गई, यह भी जांच का विषय बन गया है।
समय रहते नहीं हुई जांच तो बढ़ सकती है परेशानी
ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि शक्कर नदी रेलवे पुल से लेकर गाडरवारा रेलवे क्षेत्र तक किए गए पिचिंग कार्य का तत्काल उच्चस्तरीय तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। जहां कहीं भी निर्माण में कमी या मिट्टी कटाव की संभावना हो, वहां तत्काल सुधारात्मक और सुरक्षा कार्य कराए जाएं ताकि रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हालांकि, रेलवे लाइन की वास्तविक सुरक्षा स्थिति और निर्माण कार्य की गुणवत्ता के संबंध में अंतिम निष्कर्ष सक्षम तकनीकी जांच एवं रेलवे विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
Latest News
गाडरवारा घटिया निर्माण की भेंट चढ़ रहा लाखों का नाला, अधिकारियों की चेतावनी भी बेअसर
- 17 June, 2026
- 6 Mins
