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नरसिंगपुर स्वास्थ्य तंत्र की घोर लापरवाही से महिला की मौत: फर्जी रिपोर्ट बनाकर डॉक्टरों को बचाने का आरोप, परिजनों ने उच्च स्तरीय निष्पक्ष जाँच की मांग की

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स्वास्थ्य तंत्र की घोर लापरवाही से महिला की मौत: फर्जी रिपोर्ट बनाकर डॉक्टरों को बचाने का आरोप, परिजनों ने उच्च स्तरीय निष्पक्ष जाँच की मांग की

गाडरवारा / नरसिंहपुर: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से चिकित्सा क्षेत्र में घोर लापरवाही और उसके बाद मामले को दबाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर की गलत इलाज प्रक्रिया के कारण एक महिला की मृत्यु हो गई, और अब जाँच टीम व संबंधित डॉक्टरों द्वारा सांठ-गाँठ कर फर्जी रिपोर्ट तैयार की जा रही है ताकि दोषियों को बचाया जा सके।

​क्या है पूरा मामला?

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, गाडरवारा (ज़िला नरसिंहपुर) निवासी आवेदक सत्येंद्र  मिश्रा की माताजी  का दिनांक 12 जुलाई 2025 को इलाज के दौरान डॉक्टर डॉ. पंकज थारवानी द्वारा घोर लापरवाही बरती गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा बिना उचित जाँच और असावधानीपूर्वक गलत तरीके से इलाज किया गया, जिससे मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। अंततः 7 सितंबर 2025 को महिला का दुखद निधन हो गया।

​लीपापोती और फर्जी रिपोर्ट का आरोप

​परिजनों ने आरोप लगाया है कि इस गंभीर घटना के बाद जब मामले की शिकायत की गई, तो गठित जाँच टीम ने पूरी निष्पक्षता को ताक पर रख दिया। आरोप है कि:

  • ​जाँच टीम ने मरीज के मुख्य साक्ष्यों, इंडोर पर्चों और डॉक्टर द्वारा दिए गए गलत इलाज के पर्चों की उपेक्षा की।
  • ​डॉक्टर के बचाव में पक्षपातपूर्ण और फर्जी रिपोर्ट (Cancel Report) तैयार की जा रही है।
  • ​शिकायतकर्ता के बयानों और मुख्य साक्ष्यों को नजरअंदाज कर सीधे-सीधे दोषियों को संरक्षण देने का प्रयास किया जा रहा है।

​परिजनों की प्रमुख मांगें

​पीड़ित सत्येंद्र कुमार मिश्रा ने उच्चाधिकारियों और संबंधित कलेक्टर/प्रशासन को पत्र सौंपकर मांग की है कि:

  1. पूर्वाग्रह से ग्रसित फर्जी रिपोर्ट को तत्काल रद्द (Cancel) किया जाए।
  2. ​मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच के लिए मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों का एक उच्च स्तरीय मेडिकल बोर्ड (Special Medical Board) गठित किया जाए।
  3. ​इलाज में आपराधिक लापरवाही बरतने वाले दोषी डॉक्टर और फर्जी रिपोर्ट तैयार करने वाले जाँच टीम के सदस्यों के खिलाफ सख्त आपराधिक मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
  4. परिजन का कहना: > "हमारी माताजी की जान डॉक्टर की लापरवाही से गई है। अब हमें न्याय देने के बजाय साक्ष्यों को छिपाया जा रहा है और फर्जी रिपोर्ट बनाकर दोषियों को बचाया जा रहा है। अगर हमें निष्पक्ष जाँच और न्याय नहीं मिला, तो हम उच्च स्तर तक संघर्ष करेंगे।"


 

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में निष्पक्ष मेडिकल बोर्ड का गठन कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाता है या फिर यह मामला फाइलों में ही दबा दिया जाएगा।

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Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।