नरसिंहपुर के करेली सिविल अस्पताल की घोर लापरवाही ने ली युवक की जान
- bySatendra Mishra
- 02 Aug 2026, 10:13 PM
- 4 Mins
नरसिंहपुर के करेली सिविल अस्पताल की घोर लापरवाही ने ली युवक की जान
करेली/नरसिंहपुर:
नरसिंहपुर जिले के करेली स्थिति सरकारी सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलती एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही और एंबुलेंस की अनुपलब्धता के कारण एक युवक को तड़प-तड़प कर अपनी जान गंवानी पड़ी। इस दर्दनाक हादसे ने क्षेत्र की बदहाल और लाचार स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, बघुवार गांव से एक बीमार युवक को बेहद गंभीर हालत में इलाज के लिए करेली के सरकारी सिविल अस्पताल लाया गया था। युवक की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल बड़े अस्पताल (नरसिंहपुर) रेफर किया जाना जरूरी था।
लेकिन परिजनों और साथियों का आरोप है कि समय पर न तो 108 सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई और न ही कोई प्राइवेट एंबुलेंस मिल सकी। वक्त पर एंबुलेंस न मिलने के कारण गंभीर रूप से पीड़ित युवक इलाज के लिए समय पर नरसिंहपुर नहीं पहुंच सका और अस्पताल परिसर में ही तड़प-तड़प कर उसने दम तोड़ दिया।
लाचार परिजनों का गंभीर आरोप
"अगर समय पर 108 या प्राइवेट एंबुलेंस का इंतजाम हो जाता, तो हमारे साथी की जान बचाई जा सकती थी। अस्पताल की लचर व्यवस्था और एंबुलेंस न मिलना ही इस मौत का मुख्य कारण है।"
— युवक के साथी
उठते तीखे सवाल:
- इमरजेंसी सेवाओं का दावों का सच क्या? क्या 108 एंबुलेंस सेवा सिर्फ कागजों और विज्ञापनों तक ही सीमित रह गई है?
- रेफरल सेवाओं में देरी क्यों? जब मरीज की स्थिति नाजुक थी, तो तत्काल वैकल्पि व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
- जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब? एक गरीब और जरूरतमंद मरीज की जान जाने का जिम्मेदार आखिर कौन है?
यह घटना महज एक हादसा नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की उस संवेदनहीनता का उदाहरण है जहाँ वक्त पर एंबुलेंस न मिलना किसी की जान पर भारी पड़ जाता है। पीड़ित परिवार अब प्रशासन से दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई और अस्पताल की व्यवस्था सुधारने की पुरजोर मांग कर रहा है।
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
