बड़ा खुलासा: नरसिंहपुर स्वास्थ्य विभाग में 'इलाज' नहीं, 'मरीजो की जान से खिलवाड़'! भ्रष्टाचार और लापरवाही की हदें पार, गहरी नींद में सोया जिम्मेदार प्रशासन!
- bySatendra Mishra
- 29 Jun 2026, 09:31 AM
- 6 Mins
बड़ा खुलासा: नरसिंहपुर स्वास्थ्य विभाग में 'इलाज' नहीं, 'मरीजो की जान से खिलवाड़'!
भ्रष्टाचार और लापरवाही की हदें पार, गहरी नींद में सोया जिम्मेदार प्रशासन!
नरसिंहपुर।
जिला स्वास्थ्य विभाग इस समय पूरी तरह से भ्रष्टाचार के दलदल में डूब चुका है। यहाँ सरकारी अस्पतालों में आने वाले गरीब मरीजों को इलाज की जगह सिर्फ प्रताड़ना, वसूली और मौत का खौफ मिल रहा है। 'सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं' का दावा करने वाले इस विभाग का असली और शर्मनाक चेहरा अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है।
1. गाडरवारा अस्पताल की हैवानियत: मासूम नवजात को चूहों ने कुतरा!
लापरवाही की सबसे क्रूर और रूह कंपा देने वाली तस्वीर गाडरवारा अस्पताल से सामने आई है, जहाँ अस्पताल प्रबंधन की नाक के नीचे चूहों ने एक बेबस, मासूम नवजात बच्चे को कुतर दिया। अस्पताल परिसर में चारों तरफ गंदगी का अंबार है, जिसके कारण चूहे और संक्रामक जीव वार्डों में घूम रहे हैं। नवजात बच्चों को 'लेप्टोस्पायरोसिस' और 'रैट-बाइट फीवर' जैसी जानलेवा बीमारियों के साए में छोड़ दिया गया है। क्या प्रशासन इसी को 'सुरक्षित प्रसव' कहता है?
2. जिला अस्पताल में खुली लूट: ऑपरेशन के नाम पर ₹3,000 से ₹5,000 की सीधी रिश्वत!
नरसिंहपुर जिला अस्पताल अब सरकारी स्वास्थ्य केंद्र न रहकर 'अवैध वसूली का अड्डा' बन चुका है। डॉक्टरों और स्टाफ द्वारा खुलेआम ऑपरेशन और बुनियादी इलाज के नाम पर ₹3,000 से ₹5,000 तक की रिश्वत मांगी जा रही है। जो गरीब अपनी गाढ़ी कमाई और लाचारी लेकर यहाँ पहुँचता है, उसकी मजबूरी का सौदा किया जाता है। बिना पैसे दिए मरीजों को तड़पने के लिए छोड़ दिया जाता है।
3. साईंखेड़ा CHC में मौत का लाइव खेल: डॉक्टर-नर्स गायब, सफाईकर्मी लगा रहे इंजेक्शन!
प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति और भी भयावह है। साईंखेड़ा CHC में डॉक्टरों और नर्सों की परमानेंट 'गायबी' के कारण मरीजों की जान पूरी तरह भगवान भरोसे है। यहाँ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और सफाईकर्मी मरीजों को गंभीर इंजेक्शन और ड्रिप लगा रहे हैं। बिना किसी मेडिकल ज्ञान के गैर-जिम्मेदार स्टाफ द्वारा इंजेक्शन लगाने से मरीजों में 'एयर एम्बोलिज्म' (नसों में हवा का बुलबुला जाना, जिससे तत्काल मौत हो सकती है) का भयंकर खतरा बना हुआ है। यह सीधे-सीधे हत्या का प्रयास है!
4. दोषियों को मिल रहा खुला संरक्षण: CMHO की झूठी जांच रिपोर्ट तैयार!
इतने बड़े घोटालों और शिकायतों के बाद भी किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उल्टा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और वरिष्ठ अधिकारी मिलकर दोषियों को बचाने के लिए 'झूठी और फर्जी जांच रिपोर्ट' तैयार कर रहे हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त डॉ. पंकज थारवानी जैसे चेहरों पर आखिर मेहरबानी क्यों बरसाई जा रही है? अवैध निर्माणों और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर पूरा अमला आँखें मूंदे बैठा है।
जनता का तीखा सवाल: कलेक्टर और CMHO कब जागेंगे?
नरसिंहपुर की पीड़ित जनता सीधे जिले के मुखिया (कलेक्टर) और स्वास्थ्य विभाग के कर्णधारों से जवाब मांग रही है कि आखिर कब तक इस खूनी और भ्रष्ट तंत्र को संरक्षण मिलता रहेगा? इन लापरवाहों पर कठोर कानूनी कार्रवाई और एफआईआर कब दर्ज होगी?
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
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