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सिंगरौली जिला शिक्षा अधिकारी का 'तुगलगी फरमान', स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर लगाया बैन

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 सिंगरौली जिला शिक्षा अधिकारी का 'तुगलगी फरमान', स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर लगाया बैन!

​सिंगरौली से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और विवादास्पद खबर सामने आ रही है, जहाँ जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कविता त्रिपाठी के एक नए आदेश को लेकर हड़कंप मच गया है। शिक्षा विभाग ने एक ऐसा फरमान जारी किया है, जिसे लेकर अब सवाल उठने शुरू हो गए हैं। DEO ने जिले के सभी शासकीय स्कूलों में बिना अनुमति के पत्रकारों और आम जनता के प्रवेश और निरीक्षण पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।

​📌 'तुगलगी फरमान' की बड़ी बातें:

  • मीडिया पर सीधे पाबंदी: DEO द्वारा जारी आदेश (क्रमांक 1473/सामान्य/मीडिया/2026) के तहत अब कोई भी पत्रकार बिना 'सक्षम अनुमति' के स्कूल परिसर में दाखिल नहीं हो सकेगा और न ही वहाँ की अव्यवस्थाओं का निरीक्षण कर पाएगा।
  • अधिकारियों और प्राचार्यों को कड़े निर्देश: इस आदेश को जिले के सभी प्रिंसिपलों, बी.आर.सी.सी. और संकुल प्रभारियों को भेजकर कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। आदेश में साफ है कि अगर कोई पत्रकार या बाहरी व्यक्ति बिना परमिशन के दिखे, तो उसे एंट्री न दी जाए।

​🔍 फैसले के पीछे क्या दिया तर्क?

​दस्तावेजों के मुताबिक, शिक्षा विभाग ने यह दलील दी है कि स्कूलों के प्राचार्यों ने शिकायत की थी कि पत्रकारों और आम लोगों के आने से सरकारी कामों में बाधा आती है। साथ ही, इस आदेश के पीछे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा का भी हवाला दिया गया है।

​⚡ क्यों उठ रहे हैं सवाल?

​इस आदेश के सामने आते ही इसे शिक्षा विभाग का 'तुगलगी फरमान' कहा जाने लगा है। जानकारों और स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकारी स्कूलों की बदहाली, मिड-डे मील की कमियों और शिक्षकों की लापरवाही को छिपाने के लिए मीडिया की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। अगर मीडिया को अंदर जाने से रोका जाएगा, तो स्कूलों के भीतर चल रही अव्यवस्थाएं जनता के सामने कैसे आएंगी?

​इस तानाशाही रवैये वाले आदेश के बाद अब सिंगरौली शिक्षा विभाग और DEO चौतरफा विवादों से घिर गए हैं।

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Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।