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गेहूं उपार्जन के सफल संचालन के लिए कार्यशाला सम्पन्न हुई जिले में 53 खरीदी केन्द्र बनाए गए और 16 के प्रस्ताव शासन को भेजे गए

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गेहूं उपार्जन के सफल संचालन के लिए कार्यशाला सम्पन्न हुई

जिले में 53 खरीदी केन्द्र बनाए गए और 16 के प्रस्ताव शासन को भेजे गए

रबी विपणन वर्ष 2026- 27 अंतर्गत समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की पूर्व तैयारियां, पी.सी.एस.ए.पी. पोर्टल में खरीदी केन्द्रों में उपलब्ध भौतिक एवं मानव संसाधन की प्रविष्टियां तथा गेहूं स्कंध की गुणवत्ता जांच के संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी श्री देवेन्द्र कुमार खोबरिया की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में भारतीय खाद्य निगम के गुणवत्ता नियंत्रक, आर.बी. ऐसोसिऐट्स के सर्वेयर, गेहूं खरीदी केन्द्रों तथा उपार्जन से संबंधित सभी विभागों के मैदानी अधिकारी/कर्मचारी मौजूद थे।

जिला आपूर्ति अधिकारी श्री खोबरिया ने कार्यशाला में बताया कि जिले में गेहूं उपार्जन के लिए शासन द्वारा 69 खरीदी केन्द्रों का लक्ष्य आवंटित हुआ है, जिसमें से सहकारी समितियों के 53 खरीदी केन्द्र बनाए गए हैं। समूह/ ग्राम संगठनों को आवंटित करने के लिए 16 खरीदी केन्द्रों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि शासन से इस वर्ष गेहूं स्कंध का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल एवं राज्य सरकार का अतिरिक्त बोनस 40 रुपये इस तरह किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से गेहूं की खरीदी की जावेगी।

जिला आपूर्ति अधिकारी ने निर्देश दिए कि खरीदी केन्द्रों में उपार्जन से संबंधित भौतिक संसाधन जैसे कम्प्यूटर सिस्टम, लेपटॉप, इंटरनेट, विद्युत व्यवस्था/ इनवेटर, माश्चर मशीन, पर्याप्त इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे, गेहूं की गुणवत्ता परीक्षण के लिए आवश्यक उपकरण किट, ग्रेडिंग मशीन, पंखे, छन्ने स्पेंसिल, किसान टैग पर्ची, सिलाई मशीन, मानव संसाधन में खरीदी प्रभारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर, हिम्माल-तुलावटी, सुरक्षाकर्मी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसी तरह खरीदी केन्द्रों में आवश्यक सुविधाएं जैसे किसानों के बैठने व छाया, पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ये सभी आवश्यक व्यवस्थाएं आगामी 15 अप्रैल 2026 के पूर्व सुनिश्चित किए जाएं।

नागरिक आपूर्ति निगम को निर्देशित किया गया कि बारदाने की उपलब्धता अनुसार सभी खरीदी केन्द्रों में प्रथम 10 दिन अनुमानित खरीदी के बराबर बारदानें भिजवाना सुनिश्चित करें। सभी खरीदी केन्द्रों में फ्लेक्स-बैनर उपलब्ध कराए जाएं। गुणवत्ता परीक्षण के लिए सर्वेयर की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, सहकारिता विस्तार अधिकारी, शाखा प्रबंधक वेयर हाउस व नागरिक आपूर्ति निगम के प्रदाय केन्द्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि गेहूं उपार्जन के पूर्व 15 अप्रैल 2026 तक सभी खरीदी केन्द्रों के वेयर हाउस गोदामों का निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित कराएं कि पूर्व से किसी भी किसान गोदाम मालिक या अन्य व्यक्ति का गेहूं स्कंध संग्रहण न रहे। खरीदी केन्द्र वेयर हाउसों में उपार्जन संबंधित व्यवस्थाए उपलब्ध रहे एवं यह सुनिश्चित कराएं कि स्लॉट बुकिंग क्रम अनुसार ही किसानों का खरीदी केन्द्रों में उपार्जन किया जाए। खरीदी केन्द्रों में एफ.ए.क्यू. गुणवत्ता के आधार पर 15 अप्रैल 2026 से गेहूं उपार्जन का कार्य सुचारू रूप से संचालित हो। जिला प्रबंधक एम.पी.डब्ल्यू.एल.सी. को निर्देशित किया गया कि सभी गोदाम स्तरीय खरीदी केन्द्रों के गोदामों में संचालक द्वारा किसानों को मूलभूत सुविधाएं व आवश्यक संसाधनों और सी.सी.टी.व्ही. की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। जिन गोदामों के लायसेंस नवीनीकरण नहीं हुए हैं एवं जे.व्ही.एस. योजना के तहत पोर्टल में ऑनलाइन ऑफर नहीं हुए हैं, ऐसे सभी गोदामों का शीघ्र लायसेंस नवीनीकरण एवं जे.व्ही.एस. योजना के तहत ऑफर की कार्यवाही पूर्ण कराएं।

जिला आपूर्ति अधिकारी श्री खोबरिया ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि ई-उपार्जन पोर्टल में स्लॉट बुकिंग के लिए पोर्टल चालू होने पर नियमानुसार स्टॉल बुकिंग करें, अपना गेहूं विक्रय के लिए गेहूं स्कंध की घर से ही साफ-सफाई करके एफ.ए.क्यू. गुणवत्ता का ही गेहूं विक्रय के लिए आवंटित दिनांक को खरीदी केन्द्र स्थल में उपार्जन लेकर पहुंचे। इससे किसानों को सहूलियत से केन्द्र में एफ.ए.क्यू. गुणवत्ता के मापदंड अनुरूप समर्थन मूल्य पर उपज का विक्रय हो सके।

प्रशिक्षण में भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों के द्वारा खरीदी केन्द्र के प्रबंधक, प्रभारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं आर.बी. ऐसोसिऐट्स के सर्वेयरों को गेहूं की गुणवत्ता की जांच करने का प्रशिक्षण दिया गया।

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Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।