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नरसिंगपुर राजा प्रेमनारायण शाह की पावन नगरी चौरागढ़ के चौगान किले पर पहली बार विराजीं मां शेरावाली भक्तों ने कंधों पर मचान बनाकर दुर्गम पहाड़ी पर पहुंचाई प्रतिमा सतपुड़ा की पर्वत श्रृंखला में गूंजे जय माता दी के जयकारे,

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राजा प्रेमनारायण शाह की पावन नगरी चौरागढ़ के चौगान किले पर पहली बार विराजीं मां शेरावाली

भक्तों ने कंधों पर मचान बनाकर दुर्गम पहाड़ी पर पहुंचाई प्रतिमा सतपुड़ा की पर्वत श्रृंखला में गूंजे जय माता दी के जयकारे, नवयुवाओं एवं क्षेत्रवासियों के अद्भुत उत्साह और जनसहयोग से हुआ स्थापना का शुभारंभ, नौ दिनों तक भजन-कीर्तन, देवी जस और आराधना से भक्तिमय रहेगा वातावरण

गाडरवारा। नरसिंहपुर जिले की ऐतिहासिक एवं धार्मिक आस्था की प्रतीक राजा प्रेमनारायण शाह की पावन नगरी चौरागढ़ के चौगान किले एवं श्री श्री 1008 श्री विशंभर दास त्यागी महाराज जी के तपोभूमि पर शारदीय नवरात्रि 2026 में पहली बार मां शेरावाली की प्रतिमा विराजमान कर आराधना का शुभारंभ किया गया। सतपुड़ा की विशाल पर्वत श्रृंखला पर स्थित चौगान किले में माता रानी की प्रतिमा स्थापना का यह आयोजन श्रद्धा, शक्ति, साहस और सामूहिक जनसहयोग की अद्भुत मिसाल बन गया है। मां के प्रति अटूट आस्था रखने वाले नवयुवकों एवं क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। माता रानी की प्रतिमा को लगभग 2 से 3 किलोमीटर की ऊंचाई वाली पर्वतीय श्रृंखला पर पहुंचाने के लिए श्रद्धालुओं ने दुर्गम पहाड़ी मार्ग पर कंधों पर मचान बनाकर प्रतिमा को पहुंचाया। कठिन चढ़ाई, पथरीले रास्ते और दुर्गम पहाड़ी मार्ग भी भक्तों की आस्था को डिगा नहीं सके। माता रानी के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्तिभाव से प्रतिमा को पहाड़ पर पहुंचाया तथा विधिवत विराजमान कर नौ दिवसीय आराधना का शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक पहल में नवयुवाओं के समर्पण के साथ समस्त ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों का अपूर्व सहयोग रहा, जिसकी क्षेत्र में सराहना की जा रही है।

*कंधों पर मचान, मन में श्रद्धा और जुबां पर जय माता दी*

चौगान किले की पर्वत श्रृंखला पर मां शेरावाली की प्रतिमा पहुंचाने का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण और भावनात्मक आस्था का केंद्र बना हुआ है। मां की प्रतिमा को अपने कंधों पर उठाकर दुर्गम पहाड़ी तक पहुंचाने वाले भक्तों का उत्साह इस बात का प्रतीक है कि जब मन में श्रद्धा और विश्वास हो तो कठिन से कठिन रास्ते भी आसान हो जाते हैं। वर्ष 2026 में पहली बार आयोजित इस विशेष धार्मिक पहल ने चौगान किले की पहचान को नई धार्मिक ऊर्जा प्रदान की है। प्राकृतिक सुंदरता से घिरी सतपुड़ा की पहाड़ियों के बीच विराजमान मां शेरावाली के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। यहां मां के विभिन्न स्वरूपों, विशेषकर मां बन देवी के प्रति भी गहरी श्रद्धा व्यक्त की जाती है। नवरात्रि के नौ दिनों तक माता रानी की पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, गायन, देवी जस और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से संपूर्ण क्षेत्र को भक्तिमय बनाने की तैयारी है।

*नौ दिनों तक गूंजेंगे माता रानी के जयकारे, श्रद्धालुओं से दर्शन करने की अपील*

नवरात्रि के पावन अवसर पर चौगान किले की पहाड़ियों पर विराजमान मां शेरावाली के दर्शन और आराधना को लेकर नवयुवकों एवं क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह है। आयोजकों एवं श्रद्धालुओं की ओर से समस्त ग्रामवासियों, क्षेत्रवासियों और नरसिंहपुर जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपने व्यस्त जीवन से बहुमूल्य समय निकालकर एक बार चौगान किले अवश्य पहुंचें, मां शेरावाली के दिव्य दर्शन करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। पहाड़ों के बीच विराजमान मां के इस अद्भुत स्वरूप के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष आध्यात्मिक अनुभव बन सकते हैं। श्रद्धालु मां की आराधना में सहभागी बनकर भजन-कीर्तन एवं देवी जस का आनंद लें और इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। राजा प्रेमनारायण शाह की पावन नगरी चौरागढ़ के चौगान किले पर मां शेरावाली की प्रतिमा स्थापना का यह आयोजन श्रद्धा, एकता, जनसहयोग और धार्मिक चेतना का संदेश दे रहा है।

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Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।