Follow Us:

नरसिंगपुर शासकीय महाविद्यालय साईखेड़ा: प्रोफेसरों की कमी से सैकड़ों छात्रों का भविष्य अंधकार में

1000161245

शासकीय महाविद्यालय साईखेड़ा: प्रोफेसरों की कमी से सैकड़ों छात्रों का भविष्य अंधकार में

​साईखेड़ा (नरसिंहपुर)। शासकीय महाविद्यालय साईखेड़ा में शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आधा शैक्षणिक सत्र बीत जाने के बावजूद बीएससी साइंस विभाग में प्राध्यापकों और लैब तकनीशियन के पद खाली पड़े हैं, जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पूरी तरह ठप है। इस गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष राकेश खेमरिया ने शासन और उच्च शिक्षा विभाग के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए तत्काल नियुक्ति की मांग की है।

​चारों मुख्य विषयों के प्रोफेसर नदारद, प्रैक्टिकल भी ठप

महाविद्यालय के बीएससी साइंस विभाग में प्राणी शास्त्र (Zoology), वनस्पति शास्त्र (Botany), भौतिक शास्त्र (Physics) और रसायन शास्त्र (Chemistry) जैसे अति-महत्वपूर्ण विषयों के एक भी प्रोफेसर पदस्थ नहीं हैं। इसके अलावा प्रयोगशाला (Lab) के संचालन के लिए लैब तकनीशियन तक की नियुक्ति नहीं की गई है। इसके चलते न तो कक्षाएं लग पा रही हैं और न ही प्रयोगात्मक कार्य हो पा रहे हैं।

​जिम्मेदारों की उदासीनता पर जनभागीदारी अध्यक्ष का प्रहार

जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष राकेश खेमरिया ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि “आधा सत्र बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा न तो कोई स्थाई नियुक्ति की गई और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई। साइंस विभाग महाविद्यालय का सबसे महत्वपूर्ण संकाय है, जहां सैकड़ों छात्र-छात्राएं अपने बेहतर भविष्य का सपना लेकर आते हैं। ऐसे में मुख्य विषयों के शिक्षकों का न होना क्षेत्रीय युवाओं के भविष्य को सीधे तौर पर अंधकार में धकेलने जैसा है।”

​स्थाई प्राचार्य और प्रोफेसरों की तत्काल नियुक्ति की मांग

श्री खेमरिया ने शासन और जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए अपेक्षा की है कि महाविद्यालय में जल्द से जल्द स्थाई प्राचार्य और सभी विषयों के स्थाई प्रोफेसरों की पदस्थापना की जाए, ताकि शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रबंधन सुचारू रूप से संचालित हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए उग्र कदम उठाने को मजबूर होना पड़ेगा।

img
Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।