नरसिंगपुर सिविल अस्पताल गाडरवारा में बड़ा फर्जीवाड़ा: रोस्टर में ऑन-ड्यूटी डॉक्टर गायब, बिना योग्यता और लिखित आदेश के इंटर्न संभाल रहे थे इमरजेंसी
- bySatendra Mishra
- 08 Oct 2026, 08:19 AM
- 8 Mins
सिविल अस्पताल गाडरवारा में बड़ा फर्जीवाड़ा: रोस्टर में ऑन-ड्यूटी डॉक्टर गायब, बिना योग्यता और लिखित आदेश के इंटर्न संभाल रहे थे इमरजेंसी!
गाडरवारा (नरसिंहपुर):
शासकीय सिविल अस्पताल गाडरवारा की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। सूचना का अधिकार (RTI) से मिले दस्तावेज़ों ने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही, फर्जीवाड़े और मरीजों की जान से खिलवाड़ करने की एक ऐसी कड़वी सच्चाई को उजागर किया है, जिसे सुनकर कोई भी दंग रह जाए।
सवाल यह उठता है कि जब सरकारी ड्यूटी चार्ट और रोस्टर में डॉक्टर पंकज थारवानी की ड्यूटी दर्ज थी, तो उस समय अस्पताल में डॉ. परितोष जैन क्या कर रहे थे? और वे किस हैसियत से ड्यूटी डॉक्टर की जगह संभाल रहे थे?
RTI के खुलासे से अस्पताल प्रशासन के उड़े होश
सत्येन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा मांगी गई RTI जानकारी के जवाब में अस्पताल अधीक्षक द्वारा जारी आधिकारिक पत्र से जो तथ्य सामने आए हैं, वे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाते हैं:
- बिना लिखित आदेश के अनधिकृत ड्यूटी: दस्तावेज़ों में स्पष्ट स्वीकार किया गया है कि डॉ. परितोष जैन की सिविल अस्पताल गाडरवारा में कोई स्थायी पदस्थापना नहीं है। वे केवल एक इंटर्नशिप प्रशिक्षणार्थी (BAMS Intern) हैं। अस्पताल में ड्यूटी कराने संबंधी उनके पास कोई लिखित शासकीय आदेश या प्राधिकरण पत्र तक मौजूद नहीं है।
- मौखिक आदेश के सहारे मरीजों की जान से खिलवाड़: अस्पताल प्रशासन का तर्क है कि 'चिकित्सकों की कमी' के कारण तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के मौखिक निर्देशानुसार डॉ. परितोष जैन से सहयोग लिया जा रहा था। सवाल यह है कि संवेदनशील और आपातकालीन चिकित्सा सेवा में मौखिक निर्देशों पर किसी गैर-पदस्थ इंटर्न को मुख्य ड्यूटी पर कैसे बिठाया जा सकता है?
- डिग्री और रजिस्ट्रेशन तक का पता नहीं: RTI के तहत जब डॉ. परितोष जैन की शैक्षणिक योग्यता और मेडिकल काउंसिल में पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) के दस्तावेज़ मांगे गए, तो अस्पताल प्रशासन ने साफ हाथ खड़े कर दिए। रिकॉर्ड के अनुसार डॉ. परितोष जैन के मेडिकल पंजीयन प्रमाण-पत्र और योग्यता संबंधी दस्तावेज़ अस्पताल कार्यालय में उपलब्ध ही नहीं हैं।
- सीसीटीवी फुटेज गायब और बायोमेट्रिक गायब: गड़बड़ी का यह खेल यहीं खत्म नहीं होता। 18 अगस्त 2026 की रात 8:00 बजे से 19 अगस्त 2026 की सुबह 6:00 बजे के बीच जब ड्यूटी रोस्टर में डॉ. पंकज थारवानी का नाम दर्ज था, तब की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को यह कहकर देने से मना कर दिया गया कि सिस्टम में सिर्फ 10 दिन का बैकअप रहता है और फुटेज 'ऑटो-रिमूव' हो गई है। वहीं बायोमेट्रिक अटेंडेंस की सुविधा अस्पताल में उपलब्ध ही नहीं बताई गई।
गंभीर लापरवाही या मिलीभगत?
ड्यूटी रोस्टर में नाम किसी और डॉक्टर का, मौके पर काम कर रहा कोई बिना लिखित आदेश और बिना सत्यापित मेडिकल रजिस्ट्रेशन वाला इंटर्न—यह सीधे तौर पर मरीजों की जिंदगी के साथ एक बड़ा खिलवाड़ और नियमों की धज्जियां उड़ाने जैसा है।
- जब रोस्टर में डॉ. पंकज थारवानी ऑन-ड्यूटी थे, तो वे अपनी जगह से नदारद क्यों थे?
- क्या मूल डॉक्टर की अनुपस्थिति को छुपाने के लिए बिना किसी लिखित आदेश के एक इंटर्न को आगे कर दिया गया?
अस्पताल प्रशासन द्वारा दिए गए ये गोलमोल जवाब और "मौखिक आदेश" का हवाला यह साफ दर्शाता है कि सिविल अस्पताल गाडरवारा में नियमों को ताक पर रखकर किस कदर मनमानी और फर्जीवाड़ा चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को इस पूरे मामले में तत्काल संज्ञान लेकर दोषी डॉक्टरों और अधिकारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
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