“पंचायत में गंदगी, रिकॉर्ड घर में और सचिव बेखौफ”“फटकार के बाद भी नहीं सुधरे तेवर, बिना छुट्टी गायब सचिव” कौड़ियां पंचायत में अनियमितताओं की परतें खुलीं, प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
- bySatendra Mishra
- 11 Apr 2026, 04:53 PM
- 7 Mins
“पंचायत में गंदगी, रिकॉर्ड घर में और सचिव बेखौफ”“फटकार के बाद भी नहीं सुधरे तेवर, बिना छुट्टी गायब सचिव”
कौड़ियां पंचायत में अनियमितताओं की परतें खुलीं, प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
गाडरवारा। ग्राम पंचायत कौड़ियां में सफाई व्यवस्था, सरकारी रिकॉर्ड के रखरखाव और सचिव की कार्यशैली को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। पंचायत कार्यालय और उसके आसपास फैली गंदगी, रिकॉर्ड कार्यालय के बजाय निजी निवास पर रखे जाने की बात, तथा बिना अवकाश स्वीकृति के सचिव की अनुपस्थिति ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायत की सफाई व्यवस्था पर सवाल पूछे जाने पर पंचायत सचिव उत्तम कौरव ने कथित रूप से कहा कि, “मेरे संरक्षण में ही गंदगी फैल रही है, आज मेरे सारे सफाई कर्मचारी बाजार वसूली पर गए हुए हैं।” यह बयान अपने आप में पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। जहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा संचालित स्वच्छ भारत मिशन की मंशा के विपरीत पंचायत परिसर के आसपास गंदगी के ढेर साफ दिखाई दे रहे हैं।
*रिकॉर्ड कार्यालय में नहीं, सचिव के घर पर*
मामले का सबसे गंभीर पहलू यह सामने आया कि पंचायत के पूर्व रिकॉर्ड और दस्तावेजों के संबंध में पूछे जाने पर सचिव ने कथित तौर पर बताया कि सभी दस्तावेज उनके घर पर रखे हुए हैं और सोमवार को दिखाए जा सकेंगे।सरकारी रिकॉर्ड का पंचायत कार्यालय के बजाय निजी निवास पर रखा जाना प्रशासनिक नियमों और पारदर्शिता दोनों पर सवाल खड़े करता है। वहीं वर्ष 2025 के दस्तावेज, मार्च क्लोजिंग और ऑडिट संबंधी जानकारी भी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की दस्तावेज एवं रिकॉर्ड में फिर होने की आशंका है।
*जिला अधिकारियों की फटकार बेअसर*
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नरसिंहपुर भदौरिया ने सचिव की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए फटकार लगाई थी और तत्काल सुधार के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सचिव के रवैये में कोई सुधार नजर नहीं आया। पत्रकार से बातचीत में सचिव का कथित बयान “आप खबर छाप सकते हो, हमें किसी का भय नहीं” प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
*बिना अवकाश स्वीकृति के अनुपस्थित सचिव*
शनिवार को पंचायत कार्यालय में सचिव अनुपस्थित पाए गए। इस संबंध में जनपद पंचायत चांवरपाठा की आवक-जावक शाखा के अनिल तिवारी ने स्पष्ट किया कि सचिव द्वारा किसी भी प्रकार का अवकाश आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है और न ही कोई छुट्टी स्वीकृत की गई है।
ग्राम पंचायत सरपंच संतोष मेहरा ने भी पुष्टि की कि सचिव की ओर से अवकाश संबंधी कोई सूचना नहीं दी गई थी। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंचायत के सफाई कर्मचारी किसी भी प्रकार की बाजार वसूली नहीं करते हैं।
*कार्रवाई की मांग तेज*
जनपद पंचायत चांवरपाठा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संतोष मंडलेकर ने कहा कि यदि सचिव द्वारा अनैतिक भाषा का उपयोग किया गया है तो प्रशासन खेद व्यक्त करता है और मामले में जिला स्तर पर चर्चा कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पंचायत में फैली गंदगी, रिकॉर्ड की स्थिति और सचिव की कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
