मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: ₹41 हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी, डेयरी, शिक्षा और बुनियादी ढांचे को मिलेगी नई रफ्तार

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मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: ₹41 हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी, डेयरी, शिक्षा और बुनियादी ढांचे को मिलेगी नई रफ्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में मध्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ₹41,000 करोड़ से अधिक के महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्तावों और जनकल्‍याणकारी निर्णयों को स्वीकृति प्रदान की गई है। 1 सितंबर, 2026 को लिए गए इन फैसलों से राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क परिवहन और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार होगा।

दुग्ध उत्पादकों और डेयरी विकास के लिए ऐतिहासिक सौगात (₹32,592 करोड़ से अधिक)

​राज्य के दुग्ध उत्पादकों के कल्याण, सहकारी प्रणाली और 'सांची' ब्रांड के उन्नयन के लिए कैबिनेट ने बड़े फैसलों पर मुहर लगाई है:

  • 'विकसित भारत: वीबी जी राम जी योजना': इसके क्रियान्वयन के लिए ₹29,619 करोड़ के वित्तीय प्रस्ताव का अनुसमर्थन किया गया है।
  • सांची और सहकारिता उन्नयन: दुग्ध उत्पादकों के हित में सहकारी प्रणाली और सांची ब्रांड के विकास हेतु ₹2,973 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
  • विस्तार लक्ष्य (आगामी 5 वर्ष): डेयरी विकास योजना के माध्यम से सहकारी दुग्ध समितियों का विस्तार 7,331 ग्रामों से बढ़ाकर 26,000 ग्रामों तक किया जाएगा।
  • दुग्ध संकलन और प्रसंस्करण क्षमता:
    • ​दुग्ध संकलन 12 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम प्रतिदिन किया जाएगा।
    • ​दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता 17.8 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन की जाएगी।
  • विक्रय और कृत्रिम गर्भाधान: दुग्ध पैकेट का विक्रय 7 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 35 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। साथ ही, कृत्रिम गर्भाधान कवरेज को 15% से बढ़ाकर 50% किया जाएगा।

शिक्षा क्षेत्र का विस्तार: RGPV का पुनर्गठन, 3 नए प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय

​तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्रों की पहुंच आसान बनाने के लिए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया है:

  • नए विश्वविद्यालय: भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में 3 नए प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे।
  • विस्तार: इन विश्वविद्यालयों के अंतर्गत 13 पाठ्यक्रम, 585 संस्थान और 3 लाख 83 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
  • प्रशासनिक व्यवस्था: उज्जैन और जबलपुर में नवस्थापित होने वाले दोनों विश्वविद्यालयों के प्रारंभिक स्तर पर कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, उप कुलसचिव तथा वित्त अधिकारी के पदों को मंजूरी दी गई है। इन विश्वविद्यालयों के संचालन के लिए पृथक अधिनियम लागू किए जाएंगे और अन्य सहायक एवं तकनीकी पदों को नियमानुसार आउटसोर्सिंग से भरा जाएगा।

सड़क बुनियादी ढांचा और परिवहन (₹7,046 करोड़)

​राज्य में यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है:

  • पश्चिम भोपाल बायपास: इसे 4-लेन मय पेव्ड शोल्डर के रूप में विकसित करने के लिए ₹3,774 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
  • महलूआ-बीना-खिमलासा-मालथौन मार्ग: इस नए मार्ग के निर्माण के लिए ₹3,272 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण

​चिकित्सा संस्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं को दीर्घावधि तक सुचारू रूप से चलाने के लिए वित्तीय प्रावधान किए गए हैं:

  • उपकरणों का अनुरक्षण: स्वास्थ्य संस्थाओं में मशीनों एवं उपकरणों के रखरखाव से संबंधित योजना के मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए ₹488.41 करोड़ की स्वीकृति।
  • परिसंपत्तियों का संधारण: चिकित्सा संस्थानों में विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण से जुड़ी योजना के वर्ष 2031 तक निरंतर संचालन के लिए ₹916 करोड़ की मंजूरी।

​इन सभी निर्णयों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास के जरिए मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

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Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।