नरसिंहपुर स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल, आखिर कब होगी जवाबदेही?

1000082642

नरसिंहपुर स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल, आखिर कब होगी जवाबदेही?
नरसिंहपुर। स्वास्थ्य विभाग और जिले के अस्पतालों से जुड़े कई गंभीर मामलों को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। आरोपों और शिकायतों पर कार्रवाई में देरी ने विभागीय व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डॉ. पंकज थारवानी से जुड़े मामले में कथित झूठी जांच रिपोर्ट के आरोप हैं। वहीं डॉ. पंकज थारवानी–सुनील माथ मामले में 11 माह बाद भी जांच की स्थिति पर सवाल उठ रहा है। साईंखेड़ा में सफाईकर्मी द्वारा कथित इंजेक्शन लगाए जाने, गाडरवारा अस्पताल में सुरक्षा कर्मी द्वारा इंजेक्शन लगाने, एक्स-रे मशीनों के कथित दुरुपयोग, अस्पताल की बाउंड्रीवाल तोड़े जाने और नवजात को चूहे द्वारा काटे जाने जैसे मामलों में भी कार्रवाई को लेकर सवाल सामने हैं।
नरसिंहपुर जिला अस्पताल में सीजर के नाम पर पैसे लेने के आरोप और डॉ. संदीप पटेल से जुड़े मामले में हुई कार्रवाई को लेकर भी जवाबदेही की मांग उठ रही है। वहीं करेली अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने से मरीज की मौत के मामले में भी जिम्मेदारों पर कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
जनता का सीधा सवाल—जांच के नाम पर आखिर कब तक खानापूर्ति?
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मामलों में यदि आरोप गंभीर हैं तो उनकी निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच क्यों नहीं होती? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या शिकायतें और जांच रिपोर्ट सरकारी फाइलों में ही दबकर रह जाएंगी?
अब जरूरत है सिर्फ जांच की घोषणा की नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की।
 

img
Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।