POCSO मामला दर्ज, फिर भी गिरफ्तारी नहीं—दस दिन बाद भी कार्रवाई का इंतजार नवोदय विद्यालय बोहानी के प्राचार्य पर नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप, ग्रामीणों व संगठनों के अल्टीमेटम के बाद भी कार्रवाई पर सवाल
- bySatendra Mishra
- 26 Aug 2026, 09:12 AM
- 9 Mins
POCSO मामला दर्ज, फिर भी गिरफ्तारी नहीं—दस दिन बाद भी कार्रवाई का इंतजार
नवोदय विद्यालय बोहानी के प्राचार्य पर नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप, ग्रामीणों व संगठनों के अल्टीमेटम के बाद भी कार्रवाई पर सवाल
नरसिंहपुर/बोहानी। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय बोहानी के प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार तिवारी पर नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ एवं शोषण संबंधी लगाए गए गंभीर आरोपों का मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा है। 16 अगस्त को ग्रामीणों, अभिभावकों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर शासन-प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा था।
ज्ञापन सौंपे जाने के बाद कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन ग्रामीणों और संगठनों का कहना है कि मामले में अब तक ऐसी कोई ठोस कार्रवाई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है, जिससे उन्हें जांच की दिशा और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सके। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मामले में POCSO एक्ट सहित गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है, तो अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
जांच हुई तो उसका निष्कर्ष सार्वजनिक क्यों नहीं?
मामले के बीच यह जानकारी भी सामने आ रही है कि जवाहर नवोदय विद्यालय समिति के भोपाल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से एक जांच टीम विद्यालय पहुंची थी। बताया जा रहा है कि टीम ने मामले से जुड़े पक्षों की जानकारी ली तथा नाबालिग छात्रा के कथन भी दर्ज किए।
हालांकि, इन कथनों और जांच में सामने आए तथ्यों को लेकर आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि छात्रा ने जांच टीम के समक्ष भी प्राचार्य पर छेड़छाड़ एवं शोषण संबंधी आरोप दोहराए हैं। इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है, इसलिए जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होना इस पूरे मामले में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
15 दिन का अल्टीमेटम, फिर भी इंतजार
ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ कांग्रेस जिला कमेटी के पदाधिकारियों ने भी मामले में निष्पक्ष जांच, कठोर कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग उठाई थी। संगठनों की ओर से प्रशासन को कार्रवाई के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिए जाने की बात सामने आई थी।
अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर प्रशासन की कार्रवाई किस स्तर पर पहुंची है? क्या जांच पूरी हो चुकी है, क्या पुलिस ने जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की है और यदि गिरफ्तारी नहीं की गई है तो उसके पीछे क्या कानूनी कारण हैं—इन सभी सवालों पर पुलिस और प्रशासन की स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है।
‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के बीच व्यवस्था से सवाल
एक ओर सरकार स्तर पर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों के माध्यम से बालिकाओं की सुरक्षा और शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर किसी आवासीय विद्यालय में नाबालिग छात्रा से जुड़े गंभीर आरोप सामने आने के बाद कार्रवाई में देरी के आरोप व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं।
जवाहर नवोदय विद्यालय जैसे आवासीय शिक्षण संस्थान में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में आरोपों की सच्चाई जांच के माध्यम से स्पष्ट करना और यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई करना आवश्यक है।
पुलिस-प्रशासन से उठ रहे सीधे सवाल
मामले को लेकर अब ग्रामीणों, अभिभावकों और संगठनों की ओर से कई सवाल उठाए जा रहे हैं—
POCSO जैसी गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
जांच किस अधिकारी या एजेंसी द्वारा की जा रही है?
नवोदय विद्यालय समिति की जांच रिपोर्ट में क्या सामने आया?
नाबालिग छात्रा के कथनों पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
क्या आरोपी प्राचार्य को जांच पूरी होने तक प्रशासनिक रूप से अलग किया गया है?
और सबसे महत्वपूर्ण—पूरे मामले की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही?
फिलहाल ग्रामीणों और संगठनों की निगाहें पुलिस एवं जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में जांच की स्थिति और कार्रवाई को लेकर कब तक आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट करता है।
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
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