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इलाज में लापरवाही से 4 माह के मासूम की मौत, जिला अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल

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नरसिंहपुर जिला अस्पताल में समय पर इलाज और एम्बुलेंस न मिलने से 4 माह के दूधमुहे बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

नरसिंहपुर। जिला चिकित्सालय नरसिंहपुर में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई, जहां इलाज में देरी और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते 3–4 माह के मासूम बच्चे की मौत हो गई। यह घटना जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

जानकारी के अनुसार, पास्ताना निवासी छोटेलाल मेहरा अपने दूधमुहे बच्चे को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद कई घंटों तक न तो कोई डॉक्टर उपलब्ध हुआ और न ही बच्चे को कोई प्राथमिक उपचार दिया गया। बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन अस्पताल स्टाफ की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई।

जब बच्चे की स्थिति गंभीर हो गई, तब उसे जबलपुर रेफर कर दिया गया, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि रेफर किए जाने के बाद भी परिजनों को एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरी और समय की कमी के चलते बच्चे की हालत और बिगड़ गई और अंततः उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

मासूम की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय पर डॉक्टर और एम्बुलेंस मिल जाती, तो उनके बच्चे की जान बच सकती थी।

जिला मुख्यालय पर स्थित अस्पताल में इस तरह की लापरवाही ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले से दो-दो कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में कोई ठोस सुधार नजर नहीं आ रहा है।

अक्सर ऐसे मामलों में जांच के आदेश, आरोप-प्रत्यारोप और शोर-शराबा जरूर होता है, लेकिन जिन माता-पिता का घर का चिराग बुझ गया, उनकी पीड़ा को न कोई मंत्री समझ सकता है और न ही कोई अफसर। अब देखना होगा कि इस मामले में जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है या यह मामला भी फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।

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Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।