Follow Us:

नरसिंगपुर जल गंगा संवर्धन अभियान के बीच दूधी नदी में कचरा! नगर परिषद सांई खेड़ा पर नदी को प्रदूषित करने के गंभीर आरोप

1000150533

जल गंगा संवर्धन अभियान के बीच दूधी नदी में कचरा!

नगर परिषद सांई खेड़ा पर नदी को प्रदूषित करने के गंभीर आरोप, जेसीबी से कचरा नदी में डाले जाने के वीडियो-फोटो सामने आने का दावा

सांई खेड़ा। शासन द्वारा एक ओर जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से नदियों और जलस्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं सांई खेड़ा में दूधी नदी में कचरा और गंदगी डाले जाने के आरोपों ने नगर की स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नदी किनारे जमा कचरे को उचित स्थान पर ले जाने के बजाय जेसीबी के माध्यम से दूधी नदी में डाला अथवा बहाया जा रहा है।

दूधी नदी नर्मदा नदी की सहायक नदी है और आगे चलकर नर्मदा में मिलती है। ऐसे में दूधी नदी में डाला जाने वाला कचरा नर्मदा तक पहुंचने की आशंका के चलते मामला केवल स्थानीय प्रदूषण तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि व्यापक पर्यावरणीय चिंता का विषय बन जाता है।

नदी में पॉलिथीन, प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट जमा होने से जल की स्वच्छता प्रभावित होने के साथ ही गौवंश के जीवन पर भी खतरा मंडरा रहा है। नदी क्षेत्र स्थानीय लोगों की धार्मिक एवं सामाजिक आस्था से भी जुड़ा है, ऐसे में यहां लगातार गंदगी जमा होना नागरिकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

स्थानीय नागरिकों द्वारा मामले से संबंधित फोटो एवं वीडियो उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई है। नागरिकों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, नदी में कचरा डाले जाने की वास्तविक स्थिति की पुष्टि तथा जिम्मेदारी सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

साथ ही दूधी नदी की तत्काल सफाई, नियमित निगरानी और ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है, जिससे भविष्य में नदी में किसी भी प्रकार का कचरा न पहुंचे।

सवाल यह है—जब नदियों के संरक्षण के लिए अभियान चल रहा है, तो दूधी नदी को कचरे से कौन बचाएगा?

img
Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।