नरसिंहपुर: सड़क दुर्घटनाओं के बाद चक्काजाम करने पर रोक, जिला दंडाधिकारी ने जारी किए प्रतिबंधात्मक आदेश ..
- bySatendra Mishra
- 26 May 2026, 07:40 PM
- 6 Mins
नरसिंहपुर: सड़क दुर्घटनाओं के बाद चक्काजाम करने पर रोक, जिला दंडाधिकारी ने जारी किए प्रतिबंधात्मक आदेश
नरसिंहपुर | 26 मई 2026
जिले में सड़क दुर्घटनाओं के बाद कानून हाथ में लेकर चक्काजाम करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला दंडाधिकारी श्रीमती रजनी सिंह ने नरसिंहपुर जिला सीमा क्षेत्र के भीतर लोक शांति, सुरक्षा और सुचारू आवागमन बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (BNSS) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
यह आदेश 26 मई 2026 से आगामी 60 दिनों (दो माह) की अवधि तक पूरे जिले में तत्काल प्रभाव से लागू रहेगा।
मुख्य मार्ग और चौराहे जाम करने पर पूर्ण प्रतिबंध
जारी आदेश के अनुसार, नरसिंहपुर जिले की राजस्व सीमाओं के भीतर किसी भी सड़क दुर्घटना के विरोध में किसी भी व्यक्ति, समूह, परिजनों या आम जनता द्वारा मुख्य मार्गों, चौराहों या किसी भी सड़क पर आवागमन बाधित (चक्काजाम) नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा:
- भीड़ एकत्र करने पर रोक: दुर्घटना स्थल या उसके आसपास शांति भंग करने, शासकीय कार्य में बाधा डालने या यातायात रोकने के उद्देश्य से गैर कानूनी रूप से भीड़ इकट्ठा करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- सोशल मीडिया पर निगरानी: किसी भी व्यक्ति या संगठन द्वारा सोशल मीडिया (व्हाट्सएप, फेसबुक आदि), लाउडस्पीकर या मौखिक रूप से चक्काजाम के लिए भीड़ को उकसाने या अफवाह फैलाने पर सख्त पाबंदी होगी।
- इन्हें रहेगी छूट: यह आदेश कानून व्यवस्था ड्यूटी में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस बल, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और शव वाहनों पर लागू नहीं होगा।
क्यों उठाना पड़ा यह सख्त कदम?
जिला प्रशासन के अनुसार, जिले के राष्ट्रीय राजमार्गों, राजकीय मार्गों और आंतरिक सड़कों पर दुर्घटनाओं के बाद परिजनों और आम नागरिकों द्वारा अचानक सड़क जाम कर दिया जाता है।
चक्काजाम से होने वाली परेशानियां:
- एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसे आपातकालीन वाहनों का रास्ता रुक जाता है, जिससे मरीजों की जान को खतरा होता है।
- दुर्घटना के शिकार घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में देरी होती है।
- आम जनता, स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
- लोक शांति भंग होने और शासकीय व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है।
प्रशासन राहत के लिए तत्पर, कानून हाथ में लेने पर होगी जेल
जिला दंडाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि ऐसी आकस्मिक परिस्थितियों में प्रभावित पक्षों को त्वरित अंतरिम राहत और मुआवजा जैसी वैधानिक एवं आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए जिला व पुलिस प्रशासन हमेशा तत्पर रहता है। ऐसे में कानून को हाथ में लेकर चक्काजाम करना पूरी तरह से अनुचित और गैर-कानूनी है।
होगी सख्त कानूनी कार्रवाई:
इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों या समूहों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) की सुसंगत धाराओं (जैसे लोक सेवक के आदेश की अवहेलना और लोक मार्ग में बाधा उत्पन्न करना आदि) के तहत कड़ी दंडात्मक और वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
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