ट्रैक्टरों का सैलाब, किसानों का संग्राम! नरसिंहपुर में भारतीय किसान यूनियन का बड़ा शक्ति प्रदर्शन

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ट्रैक्टरों का सैलाब, किसानों का संग्राम! नरसिंहपुर में भारतीय किसान यूनियन का बड़ा शक्ति प्रदर्शन

नरसिंहपुर।

भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले आज बुधवार को नरसिंहपुर जिला मुख्यालय पर किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक विशाल और जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। अपनी 20 सूत्रीय मांगों को लेकर जिलेभर से आए हजारों किसान ट्रैक्टरों के साथ कृषि उपज मंडी परिसर में एकत्रित हुए, जिससे पूरा इलाका किसान आंदोलन के नारों से गूंज उठा।

मंडी परिसर में गरजी किसानों की आवाज

​कृषि उपज मंडी में आयोजित एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। नेताओं ने कृषि, सिंचाई, बिजली, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और फसल खरीदी से जुड़ी जमीनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर जल्द ही कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र व तेज किया जाएगा।

सड़कों पर उमड़ा ट्रैक्टरों का सैलाब

​सभा के समापन के बाद मंडी परिसर से एक विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली गई। सैकड़ों ट्रैक्टरों के इस सैलाब और हजारों किसानों के हुजूम ने शहर के प्रमुख मार्गों से मार्च किया।

  • रैली का मार्ग: मंडी परिसर से शुरू होकर रैली शहर के मुख्य रास्तों से गुजरती हुई सुभाष पार्क चौराहे पहुंची।
  • ज्ञापन सौंपना: सुभाष पार्क चौराहे पर किसानों ने जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
  • समापन: प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के बाद इस ऐतिहासिक रैली का विधिवत समापन गांधी चौराहे पर हुआ।

ये हैं किसानों की प्रमुख 20 सूत्रीय मांगें:

​किसानों ने जिला प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में अपनी 20 सूत्रीय मांगों को रेखांकित किया है, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें शामिल हैं:

  • गन्ना नीति: राज्य में एक स्पष्ट और किसान हितैषी गन्ना नीति लागू की जाए।
  • एमएसपी की गारंटी: सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दी जाए।
  • मूंग खरीदी: मूंग की फसल की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी सुनिश्चित हो।
  • बिजली और खाद: किसानों को खेती के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाए और रोजाना 12 घंटे निर्बाध बिजली दी जाए।
  • मुआवजा व भुगतान: फसल नुकसान का उचित मुआवजा मिले और शुगर मिलों द्वारा किसानों के बकाया भुगतान का तुरंत निपटारा किया जाए।
  • अगर सरकार ने हमारी न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा।"

    — आंदोलनकारी किसान

 

​रैली और प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात रहा, लेकिन किसानों ने बेहद अनुशासित और प्रभावी ढंग से अपना आक्रोश दर्ज कराया।

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Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।