प्रकृति की गोद में बसा गाडरवारा का 'छोटा जबलपुर': पर्यटकों की पहली पसंद, लेकिन संवर्धन और विकास का इंतजार
- bySatendra Mishra
- 12 Jul 2026, 10:56 AM
- 7 Mins
प्रकृति की गोद में बसा गाडरवारा का 'छोटा जबलपुर': पर्यटकों की पहली पसंद, लेकिन संवर्धन और विकास का इंतजार
विशेष संवाददाता, गाडरवारा (नरसिंहपुर)
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले का गाडरवारा क्षेत्र न सिर्फ अपनी उपजाऊ भूमि के लिए जाना जाता है, बल्कि यह अपने भीतर कई अनछुए और अद्भुत प्राकृतिक रहस्यों को भी समेटे हुए है। गाडरवारा से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर, ग्राम मोहपानी के पास स्थित 'छोटा जबलपुर' नाम का यह क्षेत्र इन दिनों स्थानीय पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए वीकेंड पिकनिक का सबसे पसंदीदा ठिकाना बना हुआ है।
सतपुड़ा की हसीन वादियों और सदाबहार नदी के किनारे बसा यह स्थान अपनी बेमिसाल खूबसूरती के कारण किसी का भी मन मोह लेता है।
इतिहास और प्रकृति का अनूठा संगम
'छोटा जबलपुर' सिर्फ एक पिकनिक स्पॉट नहीं है, बल्कि इसका अपना एक ऐतिहासिक महत्व भी है। स्थानीय निवासियों और जानकारों के अनुसार:
- अंग्रेजों के जमाने की विरासत: यहाँ ब्रिटिश काल का एक प्राचीन रेलवे पुल (पिलर) और सुरंगें (अंडरग्राउंड कोयला खदानें) मौजूद हैं, जहाँ से कभी अंग्रेज कोयला निकाला करते थे।
- सदाबहार नदी: यहाँ बहने वाली नदी की खासियत यह है कि यह भीषण गर्मी के दिनों में भी कभी नहीं सूखती। नदी का कल-कल बहता साफ पानी और चारों तरफ फैले घने जंगल इसे बेहद शांत और मनोरम बनाते हैं।
- रानी दहार: इसके कुछ ही आगे 'रानी दहार' नाम की ऐतिहासिक जगह है, जिसे राजा-रानी का निवास स्थल माना जाता है।
सैलानियों की बढ़ती आमद, मगर सुविधाओं का अभाव
रविवार या किसी भी छुट्टी के दिन यहाँ पैर रखने की जगह नहीं होती। बड़ी संख्या में युवा, परिवार और बच्चे यहाँ सुहावने मौसम का आनंद लेने, नहाने और वनभोज (पिकनिक) मनाने पहुँचते हैं। सोशल मीडिया के दौर में रील और व्लॉग्स बनने के बाद इसकी लोकप्रियता और तेजी से बढ़ी है।
लेकिन, इस शानदार पर्यटन स्थल को आज 'मास्टर प्लान और विकास' की सख्त जरूरत है।
मुख्य समस्याएं और आवश्यकताएं:
- पहुंच मार्ग (सड़क): मुख्य मार्ग से यहाँ तक पहुँचने का रास्ता पथरीला और उबड़-खाबड़ है, जिसे दुरुस्त करने की आवश्यकता है।
- सुरक्षा के इंतजाम: नदी और खदानों के पास सुरक्षा रेलिंग या घाट न होने के कारण हादसों का डर बना रहता है। साथ ही यहाँ सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती जरूरी है।
- मूलभूत सुविधाएं: पर्यटकों के लिए यहाँ पीने के साफ पानी, छांव (शेड), बैठने की बेंच, डस्टबिन और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
रोजगार और राजस्व का बन सकता है बड़ा जरिया
यदि मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग (MP Tourism) और स्थानीय प्रशासन इस ओर ध्यान दे, तो 'छोटा जबलपुर' को एक बेहतरीन इको-टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित किया जा सकता है। यहाँ कैफेटेरिया, बोटिंग, और एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं। इससे न केवल नरसिंहपुर जिले को पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
स्थानीय नागरिकों की मांग:
"हमारे गाडरवारा का 'छोटा जबलपुर' कुदरत का अनमोल तोहफा है। शासन-प्रशासन को यहाँ बुनियादी सुविधाएं विकसित करनी चाहिए ताकि दूर-दूर से आने वाले सैलानी सुरक्षित और बेहतर माहौल में प्रकृति का आनंद ले सकें।"
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
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