जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सुखचैन नदी के लिंगा घाट में हुआ सामूहिक श्रमदान अभियान के तहत नदी पुनर्जीवन की दिशा प्रेरणादायक पहल

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जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सुखचैन नदी के लिंगा घाट में हुआ सामूहिक श्रमदान

अभियान के तहत नदी पुनर्जीवन की दिशा प्रेरणादायक पहल

नदी गहरीकरण, बोरी बंधा और स्वच्छता के कार्य हुए एक साथ

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए जिले के विकासखंड चावरपाठा के भौरझिर सेक्टर में प्रवाहित सुखचैन नदी को पुनर्जीवित करने के लिए लिंगा घाट पर सामुदायिक श्रमदान कर नदी गहरीकरण, बोरी बंधान और स्वच्छता के कार्य एक साथ किए गए। मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय संस्थाओं, समितियों और ग्रामीणों ने मिलकर जल संरक्षण का सशक्त संदेश दिया।

सुखचैन नदी और मां नर्मदा के संगम स्थल लिंगा घाट पर हुए इस अभियान में नवांकुर संस्था भारतवाह जनकल्याण समिति ईश्वरपुर, श्री स्वामी साधना सेवा समिति बिलथारी एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियां भौरझिर, लिंगा, सूरना, लिलवानी और करहैया के संयुक्त प्रयास से नदी पुनर्जीवन का कार्य किया गया।

श्रमदान के दौरान नदी में जमी गाद और कचरे को हटाकर गहरीकरण किया गया। साथ ही जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बोरी बंधान का निर्माण भी किया गया, जो पानी के संचयन में सहायक होगा। इसके साथ ही लिंगा घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस पहल का उद्देश्य न केवल नदी को पुनर्जीवित करना है, बल्कि जल संरक्षण, संवर्धन और नदियों की निर्मलता एवं अविरलता बनाए रखने के प्रति लोगों को जागरूक करना भी है। अभियान में जनअभियान परिषद की नवांकुर संस्थाओं, सीएमसीएलडीपी के छात्र-छात्राओं, परामर्शदाताओं एवं स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही। जिला समन्वयक मप्र जनअभियान परिषद श्री जयनारायण शर्मा ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही जल संकट का समाधान संभव है और नदियों का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है

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Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।