ग्वालियर–भिंड–इटावा नेशनल हाईवे-719 के चौड़ीकरण की मांग को लेकर सोमवार को मालनपुर स्थित बरैठा टोल प्लाजा पर ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ आंदोलन शुरू हो गया। संत समाज और स्थानीय लोगों ने टोल प्लाजा पर धरना देते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
- bySatendra Mishra
- 16 Mar 2026, 04:32 PM
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भिंड ग्वालियर–भिंड–इटावा नेशनल हाईवे-719 के चौड़ीकरण की मांग को लेकर सोमवार को मालनपुर स्थित बरैठा टोल प्लाजा पर ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ आंदोलन शुरू हो गया। संत समाज और स्थानीय लोगों ने टोल प्लाजा पर धरना देते हुए विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने हंगामा करते हुए टोल बूथ पर लगा कैमरा भी तोड़ दिया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे संत कालीदास महाराज के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी बरैठा टोल प्लाजा पहुंचे और आंदोलन शुरू किया। इस दौरान दुधाधारी महाराज ने भी धरना स्थल पर धूनी रमाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हाईवे का चौड़ीकरण नहीं हुआ है, इसलिए टोल वसूली बंद की जाए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि टोलकर्मी भले ही टोल फ्री होने की बात कह रहे हैं, लेकिन यहां से गुजरने वाले वाहनों से ऑनलाइन माध्यम से टोल वसूला जा रहा है। उनका कहना है कि टोल प्लाजा पर लगे स्कैनर से गुजरने वाली गाड़ियों से स्वतः पैसे कट रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी है।
घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। वहीं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भिंड पुलिस ने मालनपुर से पहले और ग्वालियर पुलिस ने बरैठा ओवरब्रिज के पास से भारी वाहनों को डायवर्ट कर दिया है।
मालनपुर में एक कंपनी के कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने संत समाज को जल्द ही सड़क का काम शुरू कराने का आश्वासन दिया। हालांकि मीडिया के सवालों पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इस दौरान कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी भी की।
Satendra Mishra
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