नरसिंगपुर गाडरवारा सिविल अस्पताल में नवजात को चूहे ने काटा, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
- bySatendra Mishra
- 14 Jun 2026, 09:00 AM
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अस्पताल की लापरवाही: गाडरवारा सिविल अस्पताल में नवजात को चूहे ने काटा, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
गाडरवारा (नरसिंहपुर)।
नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा शासकीय सिविल अस्पताल से एक दिल दहला देने वाली लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले नवजात शिशु वार्ड (SNCU/Nursery) में एक नवजात बच्चे को चूहे द्वारा काटे जाने का कथित आरोप लगा है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा व स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम नानदनेर की रहने वाली कुमकुम नामक महिला ने हाल ही में गाडरवारा के सिविल अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया था। परिजनों का आरोप है कि जब बच्चा अस्पताल के वार्ड में भर्ती था, तभी एक चूहे ने उसके हाथ को काट लिया, जिससे बच्चा जख्मी हो गया।
इस घटना के बाद से मरीजों के परिजनों और स्थानीय लोगों में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जिस वार्ड में संक्रमण से बचाने के लिए सख्त नियम होते हैं, वहां चूहा कैसे पहुंच गया? आज चूहा आया है, कल को कोई सांप या बिच्छू भी आ सकता है; ऐसे में नवजातों की जान की जिम्मेदारी किसकी होगी?
बजट के बाद भी बदइंतजामी
गौरतलब है कि सरकारी अस्पतालों में चूहों, मच्छरों और कॉकरोच जैसी समस्याओं से निपटने (पेस्ट कंट्रोल) और साफ-सफाई के लिए सरकार हर साल लाखों रुपये का बजट देती है। इसके बावजूद नवजात वार्ड तक चूहों का पहुंचना यह साफ दर्शाता है कि नियमों और व्यवस्थाओं का पालन सिर्फ कागजों पर हो रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद आनन-फानन में बच्चे का इलाज किया गया और मामले को दबाने की कोशिश भी की गई। अब सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अधिकारियों का पक्ष:
"दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा"
यदि जांच में यह पाया जाता है कि अस्पताल परिसर अथवा नवजात शिशु वार्ड में सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक हुई है, या पेस्ट कंट्रोल और साफ-सफाई में लापरवाही बरती गई है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। नवजातों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
— डॉ. देवेंद्र रिपुदमन (प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, नरसिंहपुर)
Satendra Mishra
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