गाडरवारा रेलवे स्टेशन पर डीआरएम का निरीक्षण यात्रियों ने गिनाईं अव्यवस्थाएं, ट्रेनों में गुटखा–माफिया के राज पर उठे सवाल सुलभ शौचालय, स्वच्छ पेयजल, सफाई और अवैध मादक पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग
- bySatendra Mishra
- 22 Feb 2026, 04:18 PM
- 7 Mins
गाडरवारा रेलवे स्टेशन पर डीआरएम का निरीक्षण
यात्रियों ने गिनाईं अव्यवस्थाएं, ट्रेनों में गुटखा–माफिया के राज पर उठे सवाल
सुलभ शौचालय, स्वच्छ पेयजल, सफाई और अवैध मादक पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग
गाडरवारा। पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) के जबलपुर मंडल के मंडल रेलवे प्रबंधक (डीआरएम) कमल कुमार तलरेजा ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गाडरवारा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टेशन भवन, प्लेटफॉर्म, यात्री प्रतीक्षालय, रेलवे पुलिस कार्यालय, पार्किंग, ऑटो स्टैंड एवं स्टेशन परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने अधिकारियों के समक्ष स्टेशन की कड़वी सच्चाई रख दी। यात्रियों ने बताया कि स्टेशन का सुलभ शौचालय कंपलेक्स बदहाल है, स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और सफाई व्यवस्था नाम मात्र की रह गई है। सबसे गंभीर आरोप स्टेशन परिसर और ट्रेनों में अवैध मादक पदार्थों एवं अमानक खाद्य सामग्री की खुलेआम बिक्री को लेकर सामने आए। यात्रियों ने बीड़ी, गुटखा, सिगरेट, छेनी तंबाकू, राजश्री पान मसाला और बासी खाद्य सामग्री की निर्बाध बिक्री पर नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की।
*चलती ट्रेन में कानून नहीं, गुटखा माफिया का फरमान*
यात्रियों और पत्रकारों ने अधिकारियों का ध्यान इटारसी–जबलपुर रेलखंड पर चल रही एक संगठित अवैध व्यवस्था की ओर भी खींचा। जनशताब्दी, इंटरसिटी, मुंबई–हावड़ा मेल सहित लगभग हर यात्री ट्रेन में प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला, चना, फुटी फल्ली, भेल मिक्सचर और सड़ांध मारती खाद्य सामग्री बेखौफ बेची जा रही है। सामान्य और स्लीपर कोचों में विक्रेता इस तरह घूमते हैं मानो ट्रेन उनकी निजी जागीर हो। MRP को ताक पर रखकर मनमानी दरों पर बिक्री, विरोध करने पर बहस और दबाव — यह सब RPF और GRP की आंखों के सामने हो रहा है। यात्रियों का सीधा सवाल है कि बिना संरक्षण इतना खुला अपराध कैसे संभव है?
*यात्रियों की सेहत से खिलवाड़, व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिन्ह*
गुटखा और पान मसाला कैंसर जैसी घातक बीमारियों का कारण हैं, वहीं अमानक और बासी खाद्य सामग्री यात्रियों के स्वास्थ्य पर सीधा हमला है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को इस अवैध कारोबार का आसान शिकार बनाया जा रहा है। यात्रियों का आरोप है कि शिकायतों पर कार्रवाई के बजाय खानापूर्ति की जाती है।
*पत्रकारों ने रखी सख्त मांग*
मौके पर मौजूद पत्रकारों ने भी स्टेशन की वास्तविक स्थिति से अधिकारियों को अवगत कराते हुए एक प्लेटफार्म और गाड़ियों का स्टॉपेज बढ़ाने, सुलभ और स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल, नियमित सफाई, स्टेशन और ट्रेनों में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, तथा दोषियों पर निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की मांग रखी।
*डीआरएम का आश्वासन*
निरीक्षण के बाद डीआरएम कमल कुमार तलरेजा ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि सामने आई सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यात्रियों की सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्टेशन पर विकास कार्य जारी हैं और यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना रेलवे की प्राथमिकता है।
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
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