गाडरवारा घटिया निर्माण की भेंट चढ़ रहा लाखों का नाला, अधिकारियों की चेतावनी भी बेअसर
- bySatendra Mishra
- 17 Jun 2026, 04:46 PM
- 6 Mins
घटिया निर्माण की भेंट चढ़ रहा लाखों का नाला, अधिकारियों की चेतावनी भी बेअसर
जगदीश वार्ड में निर्माण कार्य पर उठे सवाल; ठेकेदार की मनमानी से रहवासी परेशान, तकनीकी जांच की मांग
गाडरवारा।
नगर के जगदीश वार्ड में विकास के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग और ठेकेदार की मनमानी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ लाखों रुपये की लागत से बनाए जा रहे नाला निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। वार्ड वासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित सरकारी मापदंडों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है और बड़े पैमाने पर घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
लाखों की लागत, पर मानकों की अनदेखी
स्थानीय रहवासियों के अनुसार, नाला निर्माण में सीमेंट, गिट्टी और सरिया जैसी मुख्य सामग्रियों का अनुपात तय मानकों के अनुरूप नहीं रखा जा रहा है। लापरवाही का आलम यह है कि बनते-बनते ही नाले की संरचना में कई जगह दरारें और कमजोरी साफ दिखाई देने लगी हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस निर्माण की उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई, तो जनता के टैक्स के लाखों रुपये से बन रहा यह नाला पहली ही बरसात में ढह जाएगा।
इंजीनियर्स की चेतावनी भी बेअसर, ठेकेदार की मनमानी चरम पर
हैरानी की बात यह है कि इस मामले में विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की चेतावनी का भी ठेकेदार पर कोई असर नहीं हो रहा है। स्थानीय लोगों की शिकायत पर पिछले दिनों उपयंत्री (A.E.) सत्यम जाट और इंजीनियर विशाल राठौर ने मौके का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने कार्य में गंभीर खामियां पाई थीं और ठेकेदार को काम रोककर गुणवत्ता में सुधार करने के कड़े निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, ठेकेदार अधिकारियों के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए लगातार मनमाने ढंग से घटिया निर्माण कार्य को अंजाम दे रहा है।
"जनता के टैक्स के पैसे का इस तरह दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारी निर्देश देकर चले जाते हैं और ठेकेदार अपनी मर्जी चला रहा है। बरसात सिर पर है, ऐसे में यह घटिया नाला हमारे लिए मुसीबत बन जाएगा।"
– आक्रोशित वार्ड वासी, जगदीश वार्ड
बरसात से पहले तकनीकी जांच और कार्रवाई की मांग
आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए जगदीश वार्ड के नागरिकों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि:
- बरसात शुरू होने से पहले इस नाले का निर्माण तय मापदंडों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जाए।
- निर्माण कार्य की एक स्वतंत्र तकनीकी टीम से जांच कराई जाए।
- नियमों का उल्लंघन करने और शासकीय राशि का दुरुपयोग करने वाले दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए और उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है, या फिर ठेकेदार की मनमानी के आगे जनता की यह जायज मांग फाइलों में ही दबी रह जाती है।
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
