मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: इंदौर मेट्रो के लिए ₹19,472 करोड़ मंजूर, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में कई अहम नीतियां लागू
- bySatendra Mishra
- 16 Jun 2026, 09:43 PM
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मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: इंदौर मेट्रो के लिए ₹19,472 करोड़ मंजूर, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में कई अहम नीतियां लागू
भोपाल (16 जून, 2026): मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में आज प्रदेश के विकास, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और जन कल्याण से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अरबों रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जिससे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
कैबिनेट बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय इस प्रकार हैं:
1. इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को मिली भारी वित्तीय ताकत
इंदौर शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की पुनरीक्षित लागत (Revised Cost) और अतिरिक्त वित्तीय पोषण के लिए ₹19,472.29 करोड़ की भारी-भरकम राशि को कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई है। इससे परियोजना के काम में तेजी आएगी।
2. स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार: 'मेगा स्वास्थ्य सेवा नीति' और पायलट प्रोजेक्ट
- 5 सदस्यीय मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन: 'मध्य प्रदेश मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026' के क्रियान्वयन से जुड़े प्रस्ताव पर विचार करने के लिए एक 5 सदस्यीय विशेष समिति बनाई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य गंभीर बीमारियों के इलाज को बेहतर करना, स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाना और इलाज के लिए मरीजों का दूसरे राज्यों में पलायन रोकना है।
- कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स का आउटसोर्सिंग मॉडल: राज्य के रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) का संचालन अब आउटसोर्स प्रणाली से करने की पायलट परियोजना को मंजूरी दी गई है।
3. वन्यजीव विस्थापन, शिक्षा और उद्योग के लिए मार्च 2031 तक का बड़ा बजट
कैबिनेट ने विभिन्न योजनाओं को लंबे समय तक सुचारू रूप से चलाने के लिए मार्च 2031 तक के वित्तीय बजट को मंजूरी दी है:
- प्रोजेक्ट टाइगर एवं एलीफेंट: टाइगर और एलीफेंट रिजर्व के गांवों से विस्थापन और उनके मुआवजे से संबंधित योजना को मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए ₹2,381.15 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
- जनजातीय विद्यार्थियों को शिक्षा सहायता: आदिवासी (जनजातीय) छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और अवसर देने के लिए स्वैच्छिक संस्थाओं को अनुदान देने की योजना के लिए ₹687 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
- रेशम उत्पादन और उद्योग: प्रदेश में रेशम उत्पादन और इससे जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने तथा रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए मार्च 2031 तक ₹639.25 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
- श्रमिक कल्याण योजनाएं: मजदूरों और श्रमिकों के हित में चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए ₹531.78 करोड़ की मंजूरी दी गई
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
