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डाक्टरों ने शख्स की जिंदगी दांव पर लगाई, TB मरीज बता खिला दी दवाएं,बाद में रिपोर्ट निगेटिव, युवक ने कलेक्ट्रेट में की आत्मदाह कोशिश

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छतरपुर कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब शिकायत लेकर पहुंचे एक युवक ने अचानक अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। घटना से परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को तुरंत पकड़ लिया और किसी बड़ी अनहोनी को टाल दिया।

जानकारी के मुताबिक पीड़ित युवक की पहचान संजय गुप्ता (52) पिता खेमचंद्र गुप्ता निवासी वार्ड नंबर-10 घुवारा के रूप में हुई है। संजय का आरोप है कि बड़ामलहरा अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे टीबी (TB) रोग से पीड़ित बताते हुए दवाएं शुरू करा दी थीं। युवक का कहना है कि लंबे समय तक दवाएं खाने के बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और शरीर में गंभीर एलर्जी हो गई।

पीड़ित के अनुसार बाद में उसने जिला अस्पताल में दोबारा जांच कराई, जहां रिपोर्ट में सामने आया कि उसे टीबी की बीमारी थी ही नहीं। इसके बाद उसने गलत इलाज और चिकित्सकीय लापरवाही की शिकायत अधिकारियों से की, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। इसी से परेशान होकर वह मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में न्याय मांगने पहुंचा था।

बताया जा रहा है कि आवेदन देने के दौरान युवक भावुक हो गया और अचानक अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। घटना देखते ही वहां मौजूद कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया।  पुलिस ने तत्काल युवक को अपनी कस्टडी में लिया और इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।

जिला अस्पताल में संजय गुप्ता को मेल मेडिसिन वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है। वहीं युवक के आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

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Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।