गाडरवारा मे तीन दिवसीय डमरूघाटी मेला का भव्य शुभारंभ,

1000559977

मेलों से सशक्त होती है संस्कृति और सामाजिक समरसता – राव उदय प्रताप सिंह,

प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मेले हमारी प्राचीन संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता के जीवंत प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा नागरिकों को तनावमुक्त वातावरण प्राप्त होता है।

वे महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर गाडरवारा में आयोजित तीन दिवसीय डमरूघाटी मेला के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे

मध्य प्रदेश के मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश एवं जिलेवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्राचीन काल में गांव समाज का केंद्र हुआ करते थे और मेलों के माध्यम से लोगों को धर्म, संस्कृति एवं कला से जोड़ा जाता था। नदियों एवं मंदिरों के किनारे लगने वाले मेले तथा गांवों में आयोजित मढ़ई जैसे कार्यक्रम सामाजिक समरसता और आस्था को मजबूत करते हैं

उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से श्रद्धालुओं को आनंद, शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। सरकार का सतत प्रयास रहता है कि सभी मेले एवं धार्मिक कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं बेहतर ढंग से आयोजित हों। बरमान मेला के दौरान की गई व्यवस्थाएँ सराहनीय रहीं, जिसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन एवं मेला समिति को बधाई दी

प्रदेश के मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने विधिवत भगवान श्रीगणेश की पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं जिले की सुख-समृद्धि की कामना की तथा फीता काटकर डमरूघाटी मेला का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह मेला नागरिकों की गहरी आस्था से जुड़ा हुआ है। मेले को और अधिक व्यवस्थित एवं भव्य स्वरूप देने के लिए मुख्यमंत्री एवं धर्मस्व विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई है

मध्य प्रदेश के मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे व्यवस्थाओं में सहयोग करें तथा आवागमन सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार सभी धार्मिक आयोजनों को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं भव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है

कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने कहा कि जिले में मेले मनाने की समृद्ध परंपरा रही है। ये मेले आस्था के प्रमुख केंद्र हैं, जहाँ नागरिक अपने परिवार सहित पहुंचकर धार्मिक श्रद्धा के साथ सामाजिक समरसता का अनुभव करते हैं।

उन्होंने कहा कि डमरूघाटी मेला ऐतिहासिक महत्व रखता है और इसकी पवित्रता व गरिमा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मेले के सुचारु संचालन हेतु सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं

कार्यक्रम को नगर पालिका अध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा एवं पूर्व विधायक श्रीमती साधना स्थापक ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा, एसडीएम श्रीमती कलावती व्यारे, श्रीमती ममता पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे
 

img
Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।