रेलवे ठेके के नाम पर अवैध खुदाई का आरोप: 20–30 फीट ऊँचे पहाड़ काटकर मिट्टी भराई, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण गाडरवारा। नरसिंहपुर जिले की तहसील गाडरवारा अंतर्गत ग्राम पंचायत बरेली बरहठा के ग्राम केकरा में रेलवे ठेके के नाम पर बड़े पैमाने पर अवैध खुदाई
- bySatendra Mishra
- 15 Mar 2026, 03:36 PM
- 8 Mins
रेलवे ठेके के नाम पर अवैध खुदाई का आरोप: 20–30 फीट ऊँचे पहाड़ काटकर मिट्टी भराई, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण
गाडरवारा। नरसिंहपुर जिले की तहसील गाडरवारा अंतर्गत ग्राम पंचायत बरेली बरहठा के ग्राम केकरा में रेलवे ठेके के नाम पर बड़े पैमाने पर अवैध खुदाई और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्वालियर का एक रेलवे ठेकेदार बिना किसी वैध अनुमति के कोटवार एवं राजस्व विभाग की शासकीय भूमि पर खुदाई कर रहा है। इस अवैध गतिविधि के चलते लगभग 20 से 30 फीट ऊंचे पहाड़नुमा और आसपास की वन संपदा को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह खुदाई इटारसी–जबलपुर रेलवे लाइन के किनारे मिट्टी फिलिंग के एक बड़े ठेके के लिए की जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 50 से 60 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा नियमों की अनदेखी कर लगातार मिट्टी का उत्खनन कराया जा रहा है।
*मीडिया कवरेज पर दिखाया रसूख*
घटना की जानकारी मिलने पर जब स्थानीय मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की कवरेज करने का प्रयास किया तो आरोप है कि ठेकेदार के सुपरवाइजर "" विकास"" ने अपने आपको भाजपा के दिग्गज नेताओं का करीबी बताते हुए दबाव बनाने की कोशिश की और मीडिया कर्मियों का अपने मोबाइल में फोटो वीडियो बनाकर ऊपर भेजने की बात कही।हालांकि, मीडिया द्वारा अवैध खुदाई के दृश्य अपने कैमरों में रिकॉर्ड कर लिए गए हैं।
*कोटवार ने लगाया खेतों में खुदाई का आरोप*
ग्राम केकरा के कोटवार ने बताया कि ठेकेदार द्वारा उनकी आपत्ति के बावजूद मनमाने तरीके से खुदाई की जा रही है। “ठेकेदार द्वारा हमारी मनाही के बावजूद लगातार अवैध तरीके से खुदाई कराई जा रही है। हमारे खेतों तक को खोदा जा रहा है। आज हम लोग खुदाई स्थल पर पहुंचे थे, लेकिन वहां ठेकेदार का कोई व्यक्ति नहीं मिला। यदि खुदाई नहीं रुकी तो हम कल अनुविभागीय राजस्व अधिकारी गाडरवारा को लिखित शिकायत देंगे।”
— राकेश गडवाल, ग्राम कोटवार केकरा
*खनिज विभाग ने दी जांच की बात*
मामले को लेकर जब खनिज विभाग से जानकारी ली गई तो खनिज अधिकारी ओ.पी. बघैल ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की खुदाई के लिए विभाग से कोई अनुमति जारी नहीं की गई है। “रेलवे या अन्य किसी भी ठेकेदार द्वारा खनिज विभाग से खुदाई के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई है और न ही मेरे द्वारा कोई परमिशन जारी की गई है। आपके माध्यम से अवैध खुदाई की सूचना मिली है, तत्काल अधिकारियों को भेजकर जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।”
— ओ.पी. बघैल, खनिज अधिकारी नरसिंहपुर
*प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजर*
ग्राम केकरा में शासकीय भूमि पर कथित अवैध खुदाई और पहाड़ी कटान के मामले के सामने आने के बाद अब राजस्व, खनिज और रेलवे विभाग की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्राकृतिक संसाधनों की क्षति हो सकती है।
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों की नजरें टिकी हुई हैं।
*रेलवे ठेके में खुदाई के लिए जरूरी नियम*
रेलवे या किसी भी निर्माण कार्य के लिए मिट्टी, मुरम या अन्य खनिज की खुदाई करने के लिए संबंधित विभागों से वैधानिक अनुमति लेना अनिवार्य होता है। नियमों के अनुसार—
1. खनिज विभाग से अनुमति – मिट्टी या मुरम की खुदाई के लिए खनिज विभाग से खनन अनुमति (परमिट/रॉयल्टी) लेना जरूरी है।
2. राजस्व विभाग की स्वीकृति – यदि खुदाई शासकीय या राजस्व भूमि पर की जा रही है तो तहसील प्रशासन की अनुमति अनिवार्य होती है।
3. पर्यावरणीय नियम – बड़े पैमाने पर पहाड़ी या भूमि कटान की स्थिति में पर्यावरणीय नियमों का पालन करना पड़ता है।
4. सीमित क्षेत्र में उत्खनन – अनुमति मिलने के बाद भी तय क्षेत्र और तय मात्रा से अधिक खुदाई नहीं की जा सकती।
5. नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई – अवैध उत्खनन पाए जाने पर मशीनें जब्त करने, जुर्माना लगाने और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का प्रावधान है।
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
