गाडरवारा आरटीआई से खुल सकती है ग्राम पंचायत कौड़ियां की परतें, “एक बिंदु” का बहाना बना कर जानकारी रोकने के आरोप
- bySatendra Mishra
- 20 Apr 2026, 04:52 PM
- 5 Mins
आरटीआई से खुल सकती है ग्राम पंचायत कौड़ियां की परतें, “एक बिंदु” का बहाना बना कर जानकारी रोकने के आरोप
गाडरवारा। ग्राम पंचायत कौड़ियां में सूचना के अधिकार को सीमित करने की कोशिश अब बड़े विवाद का रूप लेती जा रही है। पंचायत के विकास कार्यों, करोड़ों के खर्च, भुगतान और सफाई व्यवस्था से जुड़ी जानकारी मांगने पर पंचायत द्वारा “सिर्फ एक बिंदु पर ही जानकारी दी जा सकती है” कहकर जवाब देना अब सवालों के घेरे में आ गया है। पत्रकार रजनीश कुमार कौरव ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत वर्ष 2021 से 2026 तक ग्राम पंचायत कौड़ियां में हुए समस्त विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी मांगी थी। इसमें सड़क, नाली, सीसी रोड, स्ट्रीट लाइट, शौचालय, पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, हैंडपंप, जल व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, कर्मचारियों के भुगतान, ऑडिट रिपोर्ट, बिल-वाउचर, माप पुस्तिका (MB), उपयोगिता प्रमाण पत्र और भुगतान आदेश जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल थीं।
लेकिन पंचायत की ओर से जारी पत्र में यह कह दिया गया कि इतनी जानकारी एक साथ उपलब्ध कराना संभव नहीं है और केवल एक बिंदु पर ही जानकारी दी जा सकती है। साथ ही तीन दिन के भीतर राशि जमा करने की बात कहकर आवेदन खारिज मानने की चेतावनी भी दे दी गई। इस जवाब ने पंचायत की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आवेदक ने पलटवार करते हुए पूछा है कि आखिर शासन के किस नियम, आदेश या परिपत्र में लिखा है कि एक आवेदन में केवल एक ही बिंदु पर जानकारी दी जा सकती है? यदि ऐसा कोई नियम है तो उसकी प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराई जाए।
आवेदक का कहना है कि सूचना अधिकार अधिनियम के तहत अभिलेखों में उपलब्ध जानकारी देना विभाग का वैधानिक दायित्व है, न कि मनमर्जी से जानकारी रोकना। बिना स्पष्ट शुल्क विवरण बताए आवेदन निरस्त करना भी नियम विरुद्ध है। उन्होंने धारा 7(3) के तहत प्रति पृष्ठ शुल्क और कुल देय राशि का स्पष्ट उल्लेख करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत में सब कुछ पारदर्शी और नियमपूर्वक हुआ है, तो जानकारी देने से डर कैसा? “एक बिंदु” का तर्क कहीं भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का प्रयास तो नहीं? अब यह मामला सिर्फ आरटीआई का नहीं, बल्कि पंचायत की पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास कार्यों की सच्चाई का बन चुका है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है।
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
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