108 एम्बुलेंस सेवा बनी मौत का इंतजार! कबाड़ गाड़ियां, शराबी चालक और मरीजों से वसूली का खुला खेल” खबर 24 लाइव टीवी की खबरों से मचा हड़कंप, जिला प्रबंधक हटाया गया… स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
- bySatendra Mishra
- 27 May 2026, 10:10 AM
- 11 Mins
“108 एम्बुलेंस सेवा बनी मौत का इंतजार! कबाड़ गाड़ियां, शराबी चालक और मरीजों से वसूली का खुला खेल”
खबर 24 लाइव टीवी की खबरों से मचा हड़कंप, जिला प्रबंधक हटाया गया… स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
गाडरवारा/नरसिंहपुर। गरीब और जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई 108 एम्बुलेंस सेवा अब खुद बदहाली और लापरवाही की प्रतीक बनती जा रही है। नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील सहित ग्रामीण क्षेत्रों में हालात इतने चिंताजनक बताए जा रहे हैं कि अधिकांश सरकारी एम्बुलेंसें खराब होकर कबाड़ में तब्दील हो चुकी हैं, जबकि मरीज समय पर वाहन न मिलने के कारण जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने को मजबूर हैं। स्वदेश समाचार द्वारा लगातार प्रमुखता से उठाए जा रहे इस गंभीर मुद्दे के बाद अब प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। एम्बुलेंस सेवाओं में भारी अनियमितताओं, मरीजों से वसूली और लापरवाही की शिकायतों के बीच आखिरकार 108 एम्बुलेंस सेवा के जिला प्रबंधक विजय खुखवंशी को हटा दिया गया है। सेवा प्रदाता कंपनी जय अम्बे ने यह कार्रवाई मुख्यमंत्री की स्वास्थ्य सुरक्षा में हुई लापरवाही और लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद की है।
*सीएम की सुरक्षा में लापरवाही बनी कार्रवाई की वजह*
जानकारी के अनुसार बीती 13 मई को मुंगवानी में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक सामने आई थी। इसके बाद सीएमएचओ डॉ. मनीष मिश्रा द्वारा भोपाल स्तर पर सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ पत्राचार किया गया। पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि जिले में एम्बुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं हो रही हैं, कई मामलों में वाहन विलंब से पहुंचे, ऑक्सीजन और जरूरी दवाओं की कमी पाई गई तथा मरीजों को निजी अस्पतालों में छोड़ने जैसी गंभीर शिकायतें सामने आईं। इतना ही नहीं कर्मचारियों के अभद्र व्यवहार, वाहनों का नियमित ऑडिट न होना और निर्धारित स्थानों से एम्बुलेंस संचालन नहीं किए जाने जैसी अनियमितताओं का भी खुलासा हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी ने जिला प्रबंधक विजय खुखवंशी को हटाकर शुभम सिलहरे को नया जिला प्रबंधक नियुक्त कर दिया।
*80 फीसदी एम्बुलेंस बंद, मरीज भगवान भरोसे*
गाडरवारा सहित जिलेभर में 108 सेवा की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार करीब 80 प्रतिशत एम्बुलेंस किसी न किसी तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ी हैं। कहीं इंजन जवाब दे चुका है, कहीं टायर खराब हैं, तो कई गाड़ियों में आवश्यक मेडिकल उपकरण तक उपलब्ध नहीं हैं। कई वाहन महीनों से अस्पताल परिसरों और गैराजों में धूल खा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हालत और भयावह बताए जा रहे हैं, जहां कई बार घंटों तक कॉल करने के बावजूद एम्बुलेंस नहीं पहुंचती। गर्भवती महिलाएं, गंभीर मरीज और सड़क हादसों में घायल लोग समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण भारी परेशानी झेल रहे हैं।
*निजी एम्बुलेंस माफिया सक्रिय, मरीजों से खुली लूट*
सरकारी सेवाओं की बदहाली का सबसे बड़ा फायदा निजी एम्बुलेंस संचालक उठा रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों को घेरकर मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है। नरसिंहपुर तक ले जाने के नाम पर 2500 से 3000 रुपए तक की रकम वसूली जा रही है। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि अब कुछ सरकारी एम्बुलेंस चालकों पर भी मरीजों से “खर्चा” मांगने के आरोप लग रहे हैं। चर्चा है कि कई चालक 500 से 1000 रुपए तक खुलेआम मांग रहे हैं। गरीब परिवार इलाज के साथ-साथ इस आर्थिक शोषण से भी टूटते नजर आ रहे हैं।
*शराब पीकर वाहन चलाने के आरोप, अस्पताल प्रबंधन सख्त*
स्वदेश समाचार में प्रकाशित खबरों के बाद सिविल अस्पताल गाडरवारा के प्रभारी अधीक्षक डॉ. उपेंद्र वस्त्रकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की है। डॉ. वस्त्रकार ने बताया कि अस्पताल परिसर में निजी एम्बुलेंसों के अतिक्रमण और अव्यवस्था को हटाने के लिए अनुविभागीय पुलिस अधिकारी गाडरवारा को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शराब पीकर अनियमितता करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। अस्पताल प्रशासन को शिकायत मिली है कि कुछ चालक शराब सेवन कर वाहन चला रहे हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।
जनता पूछ रही आखिर जिम्मेदार कौन? करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद यदि मरीजों को समय पर एम्बुलेंस सुविधा नहीं मिल पा रही, तो आखिर जिम्मेदार कौन है? यह सवाल अब आम जनता से लेकर सामाजिक संगठनों तक हर कोई उठा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, खराब पड़ी एम्बुलेंसों को तत्काल चालू कराने, निजी एम्बुलेंस माफिया पर रोक लगाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्वदेश समाचार लगातार इस जनहित के मुद्दे को प्रमुखता से उठाता रहेगा, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को उनका अधिकार मिल सके और स्वास्थ्य व्यवस्था में फैली लापरवाही उजागर होती रहे।
“अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था और मरीजों के साथ आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समाचार पत्र में प्रकाशित खबर को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अनुविभागीय पुलिस अधिकारी गाडरवारा को पत्र लिखकर निजी एम्बुलेंसों के अतिक्रमण को हटाने तथा संबंधित लोगों पर कार्रवाई की मांग की गई है। शराब पीकर अनियमितता करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। मरीजों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा हमारी प्राथमिकता है।”
— डॉ. उपेंद्र वस्त्रकार
प्रभारी अधीक्षक, सिविल अस्पताल गाडरवारा
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
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