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शासकीय स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर में एक्सपायरी मेडिकल सामग्री पहुंचने का आरोप नरसिंहपुर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, जुलाई 2024 की एक्सपायरी डेट वाला नोजल कैनुला सामने आने से मचा हड़कंप

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शासकीय स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर में एक्सपायरी मेडिकल सामग्री पहुंचने का आरोप

नरसिंहपुर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, जुलाई 2024 की एक्सपायरी डेट वाला नोजल कैनुला सामने आने से मचा हड़कंप

नरसिंहपुर। जिले की शासकीय स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच अब शासकीय स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर में कथित रूप से एक्सपायरी मेडिकल सामग्री पहुंचने का मामला सामने आया है। मामले से संबंधित सामने आए फोटो में Nasal Cannula की पैकिंग पर Manufacturing Date: Aug-2021 तथा Expiry Date: Jul-2024 अंकित दिखाई दे रही है। सामग्री स्वास्थ्य केंद्र तक कैसे पहुंची और क्या इसका उपयोग मरीजों के उपचार में किया गया, यह जांच का विषय है।

मामले ने स्वास्थ्य विभाग की स्टोर व्यवस्था, सामग्री की गुणवत्ता जांच और वितरण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि संबंधित सामग्री वास्तव में जुलाई 2024 में एक्सपायर हो चुकी थी और इसके बाद भी इसे शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध कराया गया, तो यह मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रशासनिक विषय हो सकता है।

फोटो सामने आने के बाद उठे कई सवाल

सामने आए फोटो में मेडिकल सामग्री के पैकेट पर स्पष्ट रूप से “Nasal Cannula”, Code RS-1132, Size Adult सहित निर्माण एवं एक्सपायरी संबंधी जानकारी दिखाई दे रही है। पैकेट पर दर्ज विवरण के अनुसार निर्माण माह अगस्त 2021 और एक्सपायरी जुलाई 2024 है।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि यह सामग्री जुलाई 2024 में ही उपयोग की अवधि से बाहर हो चुकी थी, तो इतने समय बाद यह सामग्री शासकीय स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर तक कैसे पहुंची? क्या स्वास्थ्य केंद्र के स्टोर में सामग्री प्राप्त करते समय उसकी एक्सपायरी डेट की जांच की गई थी? यदि जांच की गई थी तो एक्सपायरी सामग्री को स्वीकार किस स्तर पर किया गया?

नरसिंहपुर स्टोर से शाहपुर तक पहुंचने की प्रक्रिया की जांच जरूरी

मामले में यह भी जांच का विषय है कि संबंधित मेडिकल सामग्री किस स्टोर से जारी हुई, उसका स्टॉक रजिस्टर में क्या रिकॉर्ड दर्ज है, किस तारीख को सामग्री शाहपुर भेजी गई और प्राप्ति के समय किस अधिकारी या कर्मचारी ने उसका सत्यापन किया।

इसके अलावा यह भी पता लगाया जाना आवश्यक है कि संबंधित सामग्री की बैच संख्या, सप्लाई बिल, इंडेंट, डिस्पैच रिकॉर्ड और स्टॉक एंट्री क्या है। यदि रिकॉर्ड में सामग्री की एक्सपायरी पहले से दर्ज थी, तो उसे वितरण योग्य सामग्री में शामिल करने की प्रक्रिया कैसे हुई?

क्या मरीजों के उपचार में हुआ इस्तेमाल?

मामले का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि संबंधित एक्सपायरी सामग्री का मरीजों के उपचार में इस्तेमाल हुआ या नहीं, इसकी भी जांच आवश्यक है। केवल सामग्री का स्वास्थ्य केंद्र में मिलना और उसका मरीज पर इस्तेमाल होना दो अलग-अलग तथ्य हैं, इसलिए वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

स्वास्थ्य विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित सामग्री कब प्राप्त हुई, कब स्टोर में रखी गई और क्या इसे उपचार के लिए जारी किया गया था। यदि जारी की गई थी तो कितनी मात्रा में और किन मरीजों के उपचार में इसका इस्तेमाल हुआ, इसका रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आना चाहिए।

स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराने की मांग

मामले को लेकर स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर सहित संबंधित जिला स्तरीय मेडिकल स्टोर में उपलब्ध सामग्री का भौतिक सत्यापन कराने की मांग उठ रही है। विशेष रूप से ऐसी मेडिकल सामग्री की जांच जरूरी है जिसकी एक्सपायरी डेट समाप्त हो चुकी है या जो निकट भविष्य में एक्सपायर होने वाली है।

जांच में यह भी सामने आना चाहिए कि एक्सपायरी सामग्री के संबंध में स्वास्थ्य विभाग की निर्धारित प्रक्रिया क्या है और उस प्रक्रिया के अनुसार संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा कार्रवाई की गई थी या नहीं।

जिम्मेदारी तय होने की जरूरत

मामले में संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों से यह सवाल भी उठ रहा है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों के उपयोग की सामग्री की गुणवत्ता एवं वैधता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है। यदि जांच में नियमों के विपरीत एक्सपायरी सामग्री की सप्लाई अथवा भंडारण की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

फिलहाल उपलब्ध फोटो और सामने आए आरोपों के आधार पर पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए निष्पक्ष जांच, स्टॉक रिकॉर्ड के परीक्षण और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना जरूरी है।

*स्वास्थ्य विभाग से प्रमुख सवाल*

* जुलाई 2024 में एक्सपायर सामग्री स्वास्थ्य केंद्र तक कैसे पहुंची?
* सामग्री की प्राप्ति के समय एक्सपायरी डेट की जांच किसने की?
* संबंधित सामग्री का स्टॉक रजिस्टर में क्या रिकॉर्ड है?
* क्या एक्सपायरी सामग्री मरीजों के उपचार के लिए जारी की गई?
* संबंधित सामग्री का उपयोग हुआ या नहीं?
* जिला मेडिकल स्टोर से शाहपुर तक सप्लाई की पूरी प्रक्रिया क्या थी?
* मामले में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी किस अधिकारी की तय होगी?

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Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।