गाडरवारा में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: 20 से अधिक निजी क्लीनिकों पर मारा छापा, मची खलबली

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गाडरवारा में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: 20 से अधिक निजी क्लीनिकों पर मारा छापा, मची खलबली

​नरसिंगपुर जिले में अवैध रूप से संचालित निजी दवाखानों और अपंजीकृत चिकित्सीय गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा अभियान छेड़ा है। इसी कड़ी में गाडरवारा नगर में एक व्यापक जांच अभियान चलाकर 20 से अधिक निजी क्लीनिकों पर औचक दबिश दी गई, जिससे अवैध रूप से क्लिनिक चलाने वालों में हड़कंप मच गया।

​यह कार्रवाई नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनीष मिश्रा के निर्देशों पर तथा ब्लॉक मेडिकल अधिकारी डॉ. आदित्य रघुवंशी के मार्गदर्शन में गठित एक संयुक्त टीम द्वारा की गई।

​विभिन्न इलाकों में हुई औचक जांच

​स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने गाडरवारा के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों जैसे:

  • ​शकर नदी पुल
  • ​चिरहकला रोड
  • ​एमपीईबी (MPEB) कॉलोनी

​सहित कई इलाकों में अचानक पहुँचकर निजी क्लीनिकों और दवाखानों का बारीकी से निरीक्षण किया।

​टीम में ये अधिकारी रहे शामिल

​इस जांच टीम में मुख्य रूप से गाडरवारा सिविल अस्पताल के प्रभारी अधिकारी डॉ. उपेंद्र वस्त्रकार, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. विजय ठेंगे, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी शामिल थे।

​दस्तावेजों और दवाइयों की जांच; सामग्री जब्त

​निरीक्षण के दौरान टीम ने सूरज विश्वास, संदीप सरकार, सुरेंद्र पटेल, सुरेंद्र गुर्जर, एन.के. विश्वास सहित अन्य संचालकों की चिकित्सा संबंधी डिग्रियां, उनके पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) प्रमाण पत्र और अन्य वैधानिक दस्तावेजों की जांच की।

​जांच के दौरान क्लिनिकों में उपलब्ध एलोपैथिक दवाइयां, चिकित्सा उपकरण और अन्य आवश्यक सामग्रियां संदिग्ध पाई गईं, जिन्हें टीम ने जांच के दायरे में लेते हुए जब्त कर लिया। इन सभी नमूनों (samples) को जब्त कर सिविल अस्पताल गाडरवारा के प्रभारी अधीक्षक डॉ. उपेंद्र वस्त्रकार के संरक्षण में सुरक्षित रखवा दिया गया है।

​रिश्वत मांगने के आरोप; बीएमओ ने किया खंडन

​इस कार्रवाई के बाद एक नया मोड़ तब आया जब कुछ क्लीनिक संचालकों की ओर से यह आरोप लगाया गया कि क्लीनिक को एक महीने बंद रखने और पुनः संचालन की अनुमति दिलाने के नाम पर रुपयों (रिश्वत) की मांग की गई है।

​हालांकि, इस गंभीर आरोप को लेकर ब्लॉक मेडिकल अधिकारी डॉ. आदित्य रघुवंशी ने दूरभाष (फ़ोन) पर स्पष्ट रूप से खंडन किया है और इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

​नोटिस जारी, मांगे गए जवाब

​डॉ. रघुवंशी ने बताया कि उनके ब्लॉक क्षेत्र में लगभग 22 से 24 अनाधिकृत (गैर-कानूनी) क्लीनिकों का निरीक्षण किया गया है। वर्तमान में सभी संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्हें सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने चिकित्सा संबंधी सभी वैध दस्तावेजों की पूर्ति कर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में जल्द से जल्द प्रस्तुत करें। दस्तावेज सही न पाए जाने या उपलब्ध न होने पर इन क्लीनिकों को पूरी तरह सील (ताला लगा दिया) कर दिया जाएगा।

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Author

Satendra Mishra

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