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नरसिंहपुर जिले के नगर परिषद साईंखेड़ा में नर्मदा पाइपलाइन योजना के काम में बड़ा खेल! चेंबर में लग रहा जंग लगा कबाड़,

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नरसिंहपुर जिले के नगर परिषद साईंखेड़ा में नर्मदा पाइपलाइन योजना के काम में बड़ा खेल! चेंबर में लग रहा जंग लगा कबाड़, नागरिकों में आक्रोश

​नरसिंहपुर/साईंखेड़ा:

जिले के साईंखेड़ा नगर में हर घर तक नर्मदा का जल पहुंचाने के लिए चल रही महत्वपूर्ण पाइपलाइन योजना में भ्रष्टाचार और भारी लापरवाही के गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। योजना के तहत नल के वाल्व और उसकी चाबी के संचालन के लिए बनाए जा रहे सुरक्षात्मक चेंबरों में जंग लगा हुआ, कबाड़नुमा लोहे का ढांचा धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है।

​तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि उपयोग की जा रही सामग्री पूरी तरह जर्जर और जंग खाई हुई है, जिससे निर्माण एजेंसी की कार्यशैली और विभागीय निगरानी पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

  • ​मानकों की खुली धज्जियां: नियमों के मुताबिक वाल्व चेंबर मजबूत, टिकाऊ और तकनीकी मानकों के अनुकूल होने चाहिए ताकि वे जमीन के अंदर लंबे समय तक टिक सकें। इसके विपरीत, घटिया और जंग लगे लोहे के डिब्बे लगाने से कुछ ही समय में पूरा ढांचा सड़कर खत्म हो जाएगा।
  • ​लाखों के बजट पर सवाल: जनता के टैक्स और सरकारी खजाने से पानी की तरह बहाए जा रहे फंड के बावजूद यदि इस स्तर की घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, तो यह सीधे तौर पर जनता के पैसों की बर्बादी और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
  • ​नागरिकों में आक्रोश: स्थानीय रहवासियों का कहना है कि अगर शुरुआती स्तर पर ही इस तरह की धांधली बरती जाएगी, तो आने वाले समय में पाइपलाइन और उसके वाल्व कैसे सुरक्षित रह पाएंगे?

​जिला प्रशासन से कड़ी मांग:

​इस पूरे मामले ने साईंखेड़ा में हड़कंप मचा दिया है। अब देखना यह है कि कलेक्टर महोदय, नरसिंहपुर इस मामले में कितना सख्त रुख अपनाते हैं।

​जनता और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि:

  1. ​मौके पर उपयोग हो रही निर्माण सामग्री की तत्काल उच्चस्तरीय और निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए।
  2. ​घटिया सामग्री का उपयोग करने वाली निर्माण एजेंसी और इस पर आंख मूंदकर बैठे जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

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Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।