18 वर्ष से कम उम्र की बालिका और 21 वर्ष से कम उम्र के बालक का विवाह कराना कानून अपराध
- bySatendra Mishra
- 07 Apr 2026, 07:27 PM
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18 वर्ष से कम उम्र की बालिका और 21 वर्ष से कम उम्र के बालक का विवाह कराना कानून अपराध
सेवा प्रदाता बालक-बालिका की उम्र मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र देखकर ही अपनी सेवाएं दें
कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने जिले में बाल विवाह रोकने की अपील
कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने जिले में बाल विवाह रोकने के लिए विवाह में अपनी सेवाएं देने वाले पंडित, मौलवी, कॉजी व अन्य धर्मगुरू, शादी की पत्रिका छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस, हलवाई, केटरर, घोड़ी, शादी में किराए से अपने वाहन लगाने वालों, बैंड-बाजा, डीजे, मैरिज गार्डन, ब्यूटी पार्लर, सभी समाजों के मुखिया, वरिष्ठ नागरिक, समाज के सम्मानीय नागरिक, रिश्तेदार/नातेदार सभी से अपील की है कि बालक-बालिका की उम्र स्कूल की मार्कशीट/ अंकसूची या जन्म प्रमाण पत्र देकर ही अपनी सेवाएं दें या विवाह में शामिल हों। बाल विवाह होने पर एक तरफ बालक-बालिका की शिक्षा पर अंकुश लग जाता है, तो वहीं दूसरी ओर बालिका के गर्भ धारण कर लेने से जान जाने का खतरा भी रहता है। इसके अलावा जन्म लेने वाले बच्चे भी कुपोषित होने की संभावना रहती है।
कलेक्टर ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र/ आयु की बालिका और 21 वर्ष से कम उम्र/ आयु का बालक का विवाह करना बाल विवाह की श्रेणी में आता है। यह कानून अपराध है। ऐसा अपराध करने पर दोषियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के नियमानुसार सजा व अर्थदंड का प्रावधान है। बाल विवाह की सूचना मिलने पर शिकायतकर्ता ग्राम स्तर पर पंचायत सचिव, संबंधित ग्राम के प्राधानाध्यापक, संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से शिकायत कर सकता है। इसी प्रकार शहरी क्षेत्र से बाल विवाह की शिकायत प्राप्त होती है, तो सेक्टर पर्यवेक्षक, महिला एवं बाल विकास, संबंधित वार्ड के प्राधानाध्यापक, संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी व संबंधित क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से शिकायत कर सकते हैं। इसके साथ ही अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास, जिला स्तर पर अध्यक्ष/सदस्य बाल कल्याण समिति, कलेक्टर कार्यालय, जिला कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय, जिला बाल संरक्षण अधिकारी महिला एवं बाल विकास और चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098 व अन्य हेल्प लाइन नंबरों पर भी शिकायत कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि 20 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया/ आखातीज है, जिसमें और इसके बाद अधिक से अधिक विवाह होने की संभावना रहती है। जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए कलेक्टर के द्वारा यह अपील जारी की गई है।
Satendra Mishra
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