नरसिगपुर साईखेडा ,छह दिन बाद झुका प्रशासन : भूख हड़ताल तीसरे दिन समाप्त, भ्रष्टाचार जांच का मिला आश्वासन
- bySatendra Mishra
- 27 Apr 2026, 05:11 PM
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छह दिन बाद झुका प्रशासन : भूख हड़ताल तीसरे दिन समाप्त, भ्रष्टाचार जांच का मिला आश्वासन
नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा नगर परिषद में कथित करोड़ों के भ्रष्टाचार, घटिया निर्माण और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ पिछले छह दिनों से चल रहा जनआंदोलन आखिरकार प्रशासन को झुकाने में सफल रहा। लगातार तीसरे दिन जारी भूख हड़ताल और छठे दिन धरने पर डटे आंदोलनकारियों के दबाव के बाद प्रशासन को धरना स्थल पर पहुंचकर जांच का लिखित आश्वासन देना पड़ा।
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जनता के बढ़ते आक्रोश और प्रशासन की लगातार हो रही किरकिरी के बीच कलेक्टर प्रतिनिधि के रूप में तहसीलदार अतुल श्रीवास्तव, मुख्य नगर पालिका अधिकारी जे.पी. रजक और थाना साईंखेड़ा पुलिस टीम धरना स्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से चर्चा कर भरोसा दिलाया कि ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं पर शीघ्र जांच शुरू होगी और दोषियों पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसके बाद तीसरे दिन चल रही क्रमिक भूख हड़ताल समाप्त कराई गई। हालांकि आंदोलनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 30 दिनों के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो फिर से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो मामला न्यायालय तक ले जाया जाएगा।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि बस स्टैंड, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मुक्तिधाम, नगर परिषद भवन, नाला निर्माण, सड़क निर्माण, तालाब संरक्षण, प्रधानमंत्री आवास योजना, दुकानों के आवंटन, फायर ब्रिगेड खरीदी और स्वच्छ भारत मिशन जैसे करोड़ों के कार्यों में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। जमीनी हकीकत में घटिया निर्माण, अपारदर्शिता और वित्तीय अनियमितताएं साफ दिखाई दे रही हैं।
धरना स्थल पर आंदोलन का नेतृत्व रंजीत तोमर कर रहे थे। उनके साथ सुजान सिंह राजपूत, सुशांत राय, नितेश तोमर, पत्रकार कमलेश अवधिया, वीरेंद्र पटेल, जय नारायण अग्रवाल, मुन्नीलाल कुशवाहा, गोपाल प्रसाद अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी और नागरिक मौजूद रहे।
फिलहाल भूख हड़ताल समाप्त हो चुकी है, लेकिन साईंखेड़ा की जनता अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है। 30 दिन बाद यदि जांच केवल कागजों तक सीमित रही, तो यह आंदोलन और बड़ा रूप लेगा
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
