गाडरवारा लिलवानी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी नल-जल योजना: अधिकारियों और ठेकेदारों की जुगलबंदी से ग्रामीण प्यासे, CM हेल्पलाइन भी मौन
- bySatendra Mishra
- 05 Jul 2026, 07:47 AM
- 5 Mins
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी नल-जल योजना: अधिकारियों और ठेकेदारों की जुगलबंदी से ग्रामीण प्यासे, CM हेल्पलाइन भी मौन
लिलवानी (विशेष संवाददाता):
सरकार द्वारा हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के दावे ग्राम पंचायत लिलवानी में पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। ग्राम पंचायत लिलवानी में संचालित नल-जल योजना इस समय भ्रष्टाचार और भारी अनियमितताओं का सबसे बड़ा अड्डा बन चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत के कारण यह पूरी योजना केवल कागजों तक ही सीमित रह गई है, जबकि धरातल पर लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
लापरवाही और भारी अनियमितताओं का खेल
स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, योजना के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। पाइपलाइन बिछाने से लेकर हर स्तर पर नियमों को ताक पर रखकर काम किया गया है। ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों ने आपसी साठगांठ कर सरकारी राशि का जमकर बंदरबांट किया है। नतीजा यह है कि योजना शुरू होने से पहले ही दम तोड़ती नजर आ रही है।
CM हेल्पलाइन पर शिकायत, पर एक महीने से कार्रवाई सिफर
शासन-प्रशासन की संवेदनशीलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ग्रामीणों द्वारा इस महा-भ्रष्टाचार की शिकायत सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) पर दर्ज कराई जा चुकी है।
विचित्र बात यह है कि शिकायत दर्ज किए हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन आज तक धरातल पर किसी भी प्रकार की कोई जांच या ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रशासन के इस ठंडे रवैये से ऐसा प्रतीत होता है कि भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों को बड़े स्तर पर संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते वे बेखौफ होकर जनता के हक के पैसे पर डाका डाल रहे हैं।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश,
नल-जल योजना में हो रही इस खुली लूट और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ लिलवानी के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसकी निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए
अब देखना यह नींद में सोया प्रशासन कब जागता है और लिलवानी के ग्रामीणों को इस भ्रष्टाचार के दलदल से निकालकर स्वच्छ पानी की सौगात दे पाता है।
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
