गाडरवारा एनटीपीसी की नाक के नीचे बदहाल गाडरवारा अस्पताल; न आधुनिक मशीनें, न चलने लायक सड़क यह सौतेला व्यवहार क्यों?

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एनटीपीसी की नाक के नीचे बदहाल गाडरवारा अस्पताल; न आधुनिक मशीनें, न चलने लायक सड़क  यह सौतेला व्यवहार क्यों?

गाडरवारा।

क्षेत्र में अरबों-खरबों की लागत से बिजली उत्पादन करने वाली देश की महारत्न कंपनी एनटीपीसी (NTPC) एक तरफ विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक सरोकार के मोर्चे पर पूरी तरह फेल साबित हो रही है। गाडरवारा के शासकीय सिविल अस्पताल की हालत आज किसी से छिपी नहीं है। अस्पताल में अत्याधुनिक मशीनों की कमी और अस्पताल के ठीक सामने की टूटी-फूटी, जर्जर सड़क एनटीपीसी के 'कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी' (CSR) के दावों की पोल खोल रही है।

​मरीज आएं तो कैसे आएं? अस्पताल के सामने की मुख्य सड़क तक बदहाल

​अस्पताल आने वाले मरीजों को इलाज मिलने से पहले ही सिस्टम की प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। अस्पताल के ठीक सामने की मुख्य सड़क इस कदर टूटी-फूटी  है कि यहाँ से एम्बुलेंस या गंभीर मरीजों को लेकर निकलने वाले वाहनों का गुजरना किसी जंग जीतने जैसा है। गर्भवती महिलाओं और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों के लिए यह जर्जर रास्ता जानलेवा साबित हो रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब एनटीपीसी के भारी-भरकम वाहन इस क्षेत्र की सड़कों का इस्तेमाल करते हैं, तो अस्पताल के सामने की चंद मीटर की सड़क को ठीक कराने की सुध प्रबंधन क्यों नहीं ले रहा?

​अत्याधुनिक मशीनों का टोटा, इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता

​गाडरवारा शासकीय अस्पताल में आज भी बुनियादी स्वास्थ्य जांच और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों (जैसे एडवांस एक्स-रे, वेंटिलेटर, आईसीयू सेटअप या सीटी स्कैन) की भारी कमी है। इसके कारण गरीब मरीजों को मामूली जांचों के लिए भी निजी सेंटरों के चक्कर काटने पड़ते हैं या फिर जबलपुर-भोपाल जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। क्षेत्र की जनता का सीधा सवाल है कि जिस एनटीपीसी प्लांट के कारण आसपास के पर्यावरण और जनजीवन पर असर पड़ता है, क्या उस एनटीपीसी की यह जिम्मेदारी नहीं है कि वह अस्पताल को हाई-टेक मशीनें मुहैया कराए?

​यह भेदभाव और सौतेला व्यवहार कब तक स्थानीय लोगाों लोगों का आक्रोश अब चरम पर है। लोगों का कहना है कि एनटीपीसी स्थानीय जनता के संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन जब गाडरवारा की जनता के स्वास्थ्य और हक की बात आती है, तो प्रबंधन आंखें मूंद लेता है। शासकीय अस्पताल के साथ किया जा रहा यह सौतेला व्यवहार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​मुख्य मांगें जिन पर जनता अड़ी है:

  • अस्पताल का आधुनिकीकरण: एनटीपीसी अपने सीएसआर (CSR) फंड से अस्पताल को तत्काल अत्याधुनिक चिकित्सा मशीनें और उपकरण उपलब्ध कराए।
  • सड़क का निर्माण: अस्पताल के सामने की टूटी-फूटी सड़क का प्राथमिकता के आधार पर नए सिरे से पक्का निर्माण कराया जाए।
  • विशेषज्ञ डॉक्टरों की व्यवस्था में सहयोग: स्थानीय स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए एनटीपीसी प्रबंधन स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर काम करे।

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Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।